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छत्तीसगढ़ के इस हाइटेक नर्सरी में हर साल तैयार होते हैं 12 लाख पौधे, ये खासियत भी

Hightech Nursery: हर साल लाखोंं की संख्या में तैयार पौधों (Plants) की दूसरे जिले में भी की जाती है आपूर्ति, वर्ष 2003 से संचालित है केंद्रीय रोपणी, मिनी सिडलिंग प्लांट (Mini Seedling Plant) से एक साथ निकलते हैं 60 हजार पौधे

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Hightech Nursery in Anandpur

Hightech Nursery

बैकुंठपुर. Hightech Nursery: कोरिया जिले के वनपरिक्षेत्र बैकुंठपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आनंदपुर में निर्मित हाइटेक केंद्रीय रोपणी में हर साल 12 लाख पौधे तैयार कर गांव-गांव सहित दूसरे जिले तक आपूर्ति होती है। नर्सरी में सबसे खास बात मांग के हिसाब से नीलगिरी के क्लोनल पौधे तैयार होते हैं। परिसर में मिनी सिडलिंग प्लांट बनाकर बेड सिस्टम से जर्मीनेशन से 50-60 हजार पौधे प्रोडक्शन करने की क्षमता है। कोरिया वनमण्डल में वर्ष 2003 में हाइटेक आनंदपुर केंद्रीय रोपणी बना गया है। जो 8-10 हेक्टेयर एरिया में फैला हुआ है। यह जिले का सबसे अधिक पौधे प्रोडक्शन करने वाली नर्सरी है। मिनी सिडलिंग प्लांट से एक साथ 60 हजार पौधे तैयार कर परिसर में अलग-अलग क्यारियों में रखते हैं। फिर नियमित रूप से पानी सिंचाई, खाद सहित अन्य पोषक तत्व देते हैं। नर्सरी में नीलगिरी, हर्रा, बहेरा, बीजा, बांस के पौधे तैयार करते हैं। वहीं नर्सरी में तैयार पौधों को कोरिया, मनेंद्रगढ़ वनमण्डल सहित दूसरे जिले में आपूर्ति करते हैं।


ऐसे तैयार करते हैं ग्रीन हाउस में पौधे
पौधे उगाने के लिए बीज को ग्रीन हाउस के मिस चेंबर में डालते हैं। फिर अंकुरित होने के बाद 45 दिन तक ग्रामीण हाउस में रखते हैं। उसके बाद क्यारियों में प्लास्टिक में रखकर देखभाल करते हैं। नर्सरी के कर्मचारी क्यारियों में सिंचाई कर पौधों को बड़ा करते हैं और मांग के हिसाब से सप्लाई करते हैं।

केंद्रीय रोपणी आनंदपुर में दो-तीन बार पौधे तैयार करते हैं। खासकर नीलगिरी व बांस के बीच व डण्ठल से क्लोनल तैयार होता है। वहीं जनवरी से बीज अंकुरित कर पौधे तैयार करते हैं। फिलहाल नीलगिरी की मांग कम है, इसलिए क्लोनल कम बनाते हैं।

IMAGE CREDIT: Hightech nursery in Koria district

दहिमन पौधे की डिमांड अधिक, संभाग से बाहर सप्लाई
जानकारी के अनुसार नर्सरी में दहिमन के पौधों की अधिक डिमांड है। इसलिए दहिमन के पौधे तैयार कर कोरिया से बाहर सरगुजा सहित दूसरे संभाग में सप्लाई होती है। नर्सरी में सिंचाई करने स्थानीय नाले में बांध बनाया गया है। जिससे 12 महीने पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता है। वहीं नर्सरी की सुरक्षा में 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहते हैं।

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हाईटेक है आनंदपुर नर्सरी
आंनदपुर नर्सरी हाइटेक है, जिसमें बड़ी संख्या में पौधे तैयार करते हैं। पिछले साल 10 लाख पौधे तैयार किए गए थे। इस साल 12 लाख पौधे तैयार करेंगे। नर्सरी में साल में दो से तीन बार पौधे उगाए जाते हैं। वहीं क्लोनल के लिए डण्ठल व बीज से पौधे तैयार करते हैं।
अखिलेश मिश्रा, वनपरिक्षेत्राधिकारी बैकुंठपुर