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कोरिया मोदक बना रहा कम वजन वाली गर्भवती-नवजातों को सेहतमंद, महिलाओं की आमदनी में भी बढ़ोतरी, जानें

CG News: बैकुंठपुर जिले में कोरिया मोदक न सिर्फ गर्भवतियों को सेहतमंद कर रहा है, बल्कि नवजात बच्चों में कम वजन की समस्या को भी आश्चर्यजनक रूप से कम कर रहा है।

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कोरिया मोदक (फोटो सोर्स- पत्रिका)

कोरिया मोदक (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: बैकुंठपुर जिले में कोरिया मोदक न सिर्फ गर्भवतियों को सेहतमंद कर रहा है, बल्कि नवजात बच्चों में कम वजन की समस्या को भी आश्चर्यजनक रूप से कम कर रहा है। सिर्फ पांच महीने तक रोजाना 2-2 मोदक खिलाने से गर्भवतियों की सेहत सुधरी है वहीं कम वजन वाले बच्चों के जन्म दर भी 15% से घटकर 5 हो चुकी है। जिला प्रशासन ने डीएमएफ मद से फरवरी 2025 मेें कोरिया मोदक बनाने का नवाचार शुरू किया।

मोदक का कमाल

कोरिया जिले में मोदक वितरण से सोनहत विकासखंड में छह महीने में कुल 348 प्रसव हुए। जिसमें 336 महिलाओं को नियमित रूप से मोदक का सेवन कराया गया। इससे एलबीडब्ल्यू (लो बर्थ वेट) 8.16 से घटकर 5.33 प्रतिशत हो गया है। वहीं कम वजन वाली गर्भवती की संख्या 18 से घटकर 16 फीसदी हो गई।

इसी तरह बैकुंठपुर विकासखंड में छह महीने में 1464 गर्भवती में 1375 महिलाओं को लड्डू वितरण कराया गया। जिसका परिणाम एलबीडब्ल्यू 14.49 से घटकर 6.09 प्रतिशत रेकॉर्ड हुआ है। वहीं कम वजन वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या भी 77 से घटकर 60 हो गई है।

रोज 2000 मोदक बना रहीं

कोरिया में दो स्व सहायता समूह की महिलाएं रोजाना 1500 से 2000 तक कोरिया मोदक बनाती हैं। इसमें सत्तू, गुड़, मूंगफली, तिल, जौ, चना और घी का उपयोग किया जाता है। पुराने जमाने में प्रसव होने के बाद प्रसूता को सोंठ का लड्डू खिलाते थे, उसी तर्ज पर इसे बनाया गया है।

महिलाओं की आमदनी में बढ़ोतरी

बैकुंठपुर के ग्राम आनी में ज्योति स्व सहायता समूह और मां शारदा समूह की 25 महिलाएं जुड़ी हैं। अभी तक 3 लाख से अधिक मोदक वितरित कर चुकी हैं। कोरिया मोदक सिर्फ उन्हीं महिलाओं को खिलाते हैं, जो गर्भावस्था के पांचवें महीने में प्रवेश कर चुकी हैं। पोषण संगवारी कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती को लड्डू सेवन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे गर्भवती की सेहत और स्वयंसेवी महिलाओं की आमदनी बढ़ रही है।

कुपोषित बच्चों के जन्म दर को कम करने की रणनीति के मुताबिक कोरिया मोदक तैयार कराया जा रहा है। गर्भवतियों को अतिरिक्त पोषण देना जरूरी है। कोरिया मोदक स्थानीय समाधान है। जो सेहत में बेहतर सुधार लाता है। -चंदन संजय त्रिपाठी, कलेक्टर, कोरिया

कोरिया मोदक वितरण से पोषण स्तर में सुधार हुआ है। आने वाले समय में और अधिक सघनता से लागू किया जाएगा। जिससे हर गर्भवती इसका लाभ ले पाएंगी। कोरिया मोदक केवल लड्डू नहीं, बल्कि पोषण और भविष्य की पीढ़ी के लिए स्वास्थ्य की गारंटी जैसा है। -डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, सीईओ कोरिया

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