
police checked buses
बैकुंठपुर. पुलिस की जांच में रविवार को एसईसीएल की 3 बसें आउटडेटेड निकली। बसों में फायर सिस्टम, फस्र्ट एड बॉक्स गायब मिली। जिसमें फस्र्ट एड बॉक्स था उसमें एक्सपायरी दवाइयां मिलीं। वहीं कुछ स्कूल बस, वैन में सीसीटीवी नहीं लगाए गए थे और दस्तावेज भी अधूरे पाए गए। मामले में बस संचालकों को दस्तावेज दुरुस्त करने के लिए १५ दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
कोरिया जिले की पुलिस ने बैकुंठपुर, चरचा, पटना में चलने वाली स्कूल बस, वैन सहित अन्य वाहनों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया। इस दौरान कुल 22 बस संचालक दस्तावेज वेरिफिकेशन कराने पहुंचे। इसमें एसईसीएल की ३स्कूल बसें आउटडेटेड मिलीं और फस्र्ट एड बॉक्स, फायर सिस्टम नहीं लगाए गए थे। वहीं कुछ स्कूल बस, वैन के फस्र्ट एड बॉक्स में एक्सपायरी दवाइयां मिली।
इसके अलावा अधिकांश बस, वैन के दस्तावेज अधूर पाए गए। पुलिस ने बॉक्स से बाहर फेंकवाई और फायर सिस्टम को दुरुस्थ करने की हिदायत दी गई है। वहीं कुछ स्कूल बस-वैन संचालक परमिट के दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। मामले में अधूरे दस्तावेज को पूरा कराने, सीसीटीवी, फायर सिस्टम लगाने सहित अन्य नियम को पालन करने के लिए १५ दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस दौरान यातायात जवान महेश मिश्रा सहित अन्य स्टाफ उपस्थित थे।
अग्निशमन यंत्र चालू ही नहीं हुए, चालक की वर्दी गायब
पुलिस जांच में अधिकांश स्कूल वाहनों के फायर सिस्टम कंडम हो चुके थे। फायर सिस्टम को बाहर निकालकर चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन ड्राइवर-पुलिस जवान नाकाम हो गए। मामले में फायर सिस्टम को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा फस्र्ट एड बॉक्स की दवाइयां जांच कर वैद्यता वाली दवाई रखने कहा गया है। वहीं स्कूल वाहनों की जांच कराने पहुंचने वाले चालक ने वर्दी नहीं पहनी थी। मामले में हर चालक को हमेशा वर्दी में स्कूल बस चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिग्रहित स्कूल वाहन की थाने में सूचना दर्ज होगी
पुलिस के अनुसार प्राइवेट स्कूल प्रबंधन द्वारा किराए से वाहन लेने पर आगे-पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखवाना अनिवार्य है। इसके अलावा वाहन मालिक, चालक का नाम, अन्य विवरण संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराया जाना है। नियम का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
2 बार जुर्माना भुगतने वाले ड्राइवर्स अपात्र
पुलिस के अनुसार हाईकोर्ट की जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि यातायात नियम को तोड़ते समय २ बार जुर्माना भरने वाले ड्राइवर को स्कूल बस, वैन में नहीं रखा जा सकता है। वहीं एक बार भी अनियंत्रित गति, नशे की हालत में वाहन चलाने, खतरनाक ढंग से वाहन चलाने के अपराधी को रखने से पहले स्कूल प्रबंधन को शपथ-पत्र देना अनिवार्य किया गया है।
पुलिस जवान ने ड्राइवर्स को समझाए ये गाइडलाइन
- स्कूल बस, वैन को पीला रंग में रंगा जाएगा। वाहन के आगे स्कूल बस लिखा होगा, बाहरी हिस्से में ९ इंच की एक पट्टी होगी, जिसमें स्कूल का नाम, पता, टेलीफोन-मोबाइल लिखा होना चाहिए।
-स्कूल बस-वैन की खिड़कियों में जाली, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र जरूरी है।
- स्कूल वाहन में स्टूडेंट्स की सुरक्षा, आपातकालीन स्थिति से निपटने, उतारने-चढ़ाने के लिए एक प्रशिक्षित परिचारक होना चाहिए।
-वाहन में ५ साल तक अनुभव वाले स्थायी ड्राइविंग लाइसेंसधारी ड्राइवर होना चाहिए।
- स्कूल वाहन में बस्ता रखने के लिए सीट के नीचे पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
-स्कूल वाहन के दाहिने तरफ आपातकालीन दरवाजा हो, जो अच्छी स्थिति में होना चाहिए।
-स्कूल वाहन में वैध बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, टैक्स जमा होने का प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- स्कूल वाहन की खिड़कियों के कांच में रंगीन फिल्म, पर्दा नहीं लगाया जाए। जो कि मोटरयान अधिनियम १९८९ के नियम १०० में प्रावधान किए गए हैं।
- वाहन के प्रवेश दरवाजे में विश्वासनीय लॉकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है।
- १२ साल से पुरानी गाड़ी को स्कूली बच्चों को ढोने के लिए पूर्णयता प्रतिबंधित है।
- स्कूल बस, वैन में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य किया गया है।
- स्कूल वाहन में प्रेशर हार्न नहीं लगाना और रात्रि में चलाने पर बस के अंदन नीले रंग का बल्ब जलाना अनिवार्य है।
15 दिन का दिया गया है समय
यातायात प्रभारी बुद्धेश्वर सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन में आज २२ स्कूल बस, वैन सहित अन्य वाहनों के दस्तावेजों की जांच कराई गई। इस दौरान अधूरे दस्तावेजों को पूरा करने सहित अन्य सुरक्षा नियम का पालन करने के लिए १५ दिन का समय दिया गया है। वहीं छूटे स्कूल वाहन की दोबारा जांच कराई जाएगी। निर्धारित समय के बाद नियम का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
20 Aug 2017 05:38 pm
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