
Gaur
बैकुंठपुर. गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में नव वर्ष 2022 में पयर्टकों को वन्य प्राणी गौर लुभाएंगे। राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन ने जनवरी-फरवरी में 46 नग वन्य प्राणी गौर लाने की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं दो-तीन साल पहले निर्मित जर्जर गौर बाड़ा को संवारने की कवायद शुरू कर दी गई है।
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में 3 साल पहले वन्यजीण प्राणी गौर लाकर वंशवृद्धि करने प्रोजेक्ट बनाया गया था। राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद करोड़ों खर्च कर गौर बाड़ा बनाया गया था। लेकिन पार्क परिक्षेत्र के वन अफसरों की लापरवाही के कारण गौर बाड़ा जर्जर हो चुका है।
फेंसिंग तार व लकड़ी के खंभे टूट गए हैं। इसी बीच कोरोना काल के कारण गौर प्रोजेक्ट को करीब दो साल से ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया था। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद वन्यजीव प्राणी गौर को लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। बलौदाबाजार बारनवापारा से 46 नग गौर लाने अप्रुअल मिल चुका है।
गुुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में संभवत: जनवरी-फरवरी 2022 में गौर विचरण करते नजर आएंगे। उद्यान प्रबंधन जर्जर बाड़े को संवारने में जुट गया है। गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान का एरिया 1440.57 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। उद्यान क्षेत्र में बाध, मोर, तेंदुआ, नीलगाय, भालू, चीतल, हिरण, बारह सिंघा, चिरकभाल, जंगली बिल्ली सहित 32 प्रकार के जंगली जानवर पाए जाते हैं।
उद्यान में बाघ सहित 32 प्रकार के हैं वन्य जीव
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने अप्रुअल मिला है। जिसका एरिया 1440.57 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वर्ष 2005 के सर्वेक्षण के हिसाब से 32 प्रकार के वन्यजीव प्राणी विचरण करते हैं।
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और सरगुजा के तमोर पिंगला अभयारण्य को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। पहली बार टाइगर रिजर्व का पूरा क्षेत्रफल आया। टाइगर रिजर्व के कोर जोन में 2 हजार 49 वर्ग किलोमीटर तथा बफर जोन में 780 वर्ग किलोमीटर जंगल है। वहीं 2 हजार 829 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल टाइगर रिजर्व का हिस्सा होगा।
छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट ने वर्ष 2019 में गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव पारित किया था। जिसमें प्रस्तावित टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल नहीं था।
एनटीसीए से गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने अनुमति मिल चुकी है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान, भारत का 53वां टाइगर रिजर्व अस्तित्व में आएगा।
लाए जाएंगे 46 गौर
गुरु घासीदास राष्ट्रीय में कुछ साल पहले गौर लाकर वंशवृद्धि करने प्रोजेक्ट बनाया गया था। उसके लिए गौर बाड़ा बनाया गया है। राज्य सरकार से अप्रुवल मिल गया है। वन्यजीव गौर के लिए जनवरी-फरवरी का महीना अनुकूल रहता है। उसी समय करीब 46 गौर लाया जाएगा।
आर. रामाकृष्णा वाई, डायरेक्टर गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान कोरिया
Published on:
08 Nov 2021 07:43 pm

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