
Virology lab inaugration
बैकुंठपुर. एम्स रायपुर (AIIMS Raipur) से अनुमति मिलने के बाद बुधवार को कोरिया में 2.50 करोड़ की लागत से निर्मित वायरोलॉजी लैब का लोकार्पण किया गया। वायरोलॉजी लैब (Virology Lab) में कोरिया में रोजाना 200 आरटीपीसीआर सैंपल की जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (Health Minister TS Singhdeo), सांसद ज्योत्सना महंत एवं प्रभारी मंत्री डॉ. शिव डहरिया की वर्चुअल मौजूदगी में संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव, सविप्रा उपाध्यक्ष विधायक गुलाब कमरो एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल ने वायरोलॉजी लैब (Virology Lab) का शुभारंभ किया। कोविड हॉस्पिटल कंचनपुर परिसर में वायरोलॉजी लैब बनाया गया है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण रायपुर ने 2.50 करोड़ की लागत से वायरोलॉजी लैब निर्माण कराने प्रशासकीय मंजूरी दी थी। शासन स्तर से लैब स्थापना की मंजूरी मिलने के बाद करीब 4 महीने मेें निर्माण कराया गया है। वायरोलॉजी लैब की स्थापना के बाद कोरिया व सूरजपुर जिले के आरटीपीसीआर सैंपल की जांच की जाएगी।
इससे जल्द सैंपल की जांच रिपोर्ट मिलेगी। गौरतलब है कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर द्वारा कोरिया के गवर्नमेंट डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में निर्मित वायरोलॉजी लैब में तैयार बीएसएल-2 आरटी-पीसीआर लैबोरेट्री में एसएआरएस कोव-2 कोविड संक्रमण की जांच करने मंजूरी दी गई है।
कलक्टर एसएन राठौर ने बताया कि सरगुजा संभाग के कोरिया में आरटी-पीसीआर जांच की अनुमति निश्चित ही बड़ी उपलब्धि है, जो जिले की स्वास्थ्य सुविधा में इजाफा करती है। इससे पहले संभाग में केवल मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में ही आरटीपीसीआर टेस्टिंग की जा रही है।
कोरिया में मैदानी अमले द्वारा संक्रमण को रोकने लगातार संदिग्ध की ट्रेसिंग की जा रही है। ट्रीटमेंट के लिए कोविड हॉस्पिटल एवं कोविड केयर सेंटर संचालित हैं। जिले में ट्रूनॉट जांच की सुविधा पहले से उपलब्ध है। आरटी पीसीआर टेस्टिंग की अनुमति के साथ कोविड की जंग में कोरिया स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस हो चुका है।
जल्द टेस्टिंग के साथ ही जल्द मिलेगी रिपोर्ट
सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कलक्टर के मार्गदर्शन में लैब तैयार हुआ है। एम्स रायपुर से आरटीपीसीआर जांच (RT-PCR test) की अनुमति मिलने से जिले में शीघ्र टेस्टिंग एवं रिपोर्ट मिलेगी। जिससे मरीज को चिकित्सा उपलब्ध कराना आसान होगा।
जिला अस्पताल के पैथोलोजिस्ट डॉ डी के चिकनजुरी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मानव संसाधन, चिकित्सा यंत्र एवं उपकरण, आवश्यक सुविधाएं एवं कार्यकुशल टेस्ट पैनल के आधार पर एम्स से आरटीपीसीआर लैब एवं टेस्टिंग को अनुमति मिली है।
एक नजर में वायरोलॉजी लैब
-लैब पूर्णत: अत्याधुनिक आटोमेटिक जांच मशीन से युक्त है।
-लैब राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मानक स्तर के गुणवत्ता का परिपालन करता है।
-लैब में बीएसएल-2 टाइप का बायोसेफ्टिक मय है, जो कि पूर्णत: आधुनिक है।
- लैब में ऑटोमेटिक आरएनए एक्सटै्रक्टर मशीन लगी है, जो हाई एक्यूरेसी की मशीन है।
-लैब में बायोराड की आरटीपीसीआर मशीन लगी है, जो उच्च कोटि की रिजल्ट उपलब्ध कराता है।
-लैब में सैंपलिंग से लेकर रिजल्ट तक के लिए उपयोग में आने वाली सभी मशीनें पूर्णत: आधुनिक है।
-लैब में 4 से 80 डिग्री तक फीजर उपलब्ध है, जिससे यह सैंपल और रिजेन्ट को लंबे समय तक स्टोर (Store) कर रख सकता है।
अब तक 29515 आरटीपीसीआर सैंपल की जांच में 1810 पॉजिटिवं
पिछले करीब एक साल से अंबिकापुर, रायपुर सहित अन्य लैब में 29515 आरटीपीसीआर सैंपल की जांच हो चुकी है। जिसमें 1810 पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। वहीं ट्रूनॉट से 30685 सैंपल की जांच में 3829 पॉजिटिव और 163100 एंटीजन की जांच में 14175 पॉजिटिव रिपोर्ट आई है।
कोरिया में वायरोलॉजी लैब खुलने के बाद आरटीपीसीआर की जांच होने से जल्द रिपोर्ट मिलेगी। पहले आरटीपीसीआर जांच कराने रोजाना सैंपल लेकर अंबिकापुर भेजा जाता है। जिससे सैंपल की रिपोर्ट आने में 3-4 दिन समय लगता था। जिले में मंगलवार को 2384 सैंपल की जांच कराई गई। जिसमें 700 नए पॉजिटिव पाए गए हैं। एक दिन में नए पॉजिटिव मिलने का यह आंकड़ा रायगढ़ के बाद कोरिया प्रदेश का दूसरा जिला बन गया है।
Published on:
13 May 2021 12:59 pm
बड़ी खबरें
View Allकोरीया
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
