
बैकुंठपुर. SDM clerk suspended: एसडीएम कार्यालय बैकुंठपुर में कई साल से प्राइवेट व्यक्तियों से सरकारी कामकाज कराया जा रहा था। नई एसडीएम दीपिका नेताम की जब इस पर नजर पड़ी तो वे नाराज हो गईं। उन्होंने काम कराने वाले लिपिक को निलंबित (SDM clerk suspended) करते हुए कलेक्टर कार्यालय अटैच कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि काम कराने के बदले व्यक्तियों को अपनी जेब से लिपिक द्वारा वेतन भी दिया जाता था।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने एसडीएम कार्यालय बैकुंठपुर में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 मोहन राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित लिपिक पिछले कई साल से कार्यालय में शासकीय कार्य में लापरवाही बरत रहे थे। स्वयं को आबंटित न्यायालयीन कार्य को अशासकीय व्यक्तियों से करवाता था।
एसडीएम न्यायालय में बकायदा अपनी कुर्सी के बगल में उसे बैठाता था तथा अपनी जेब से उन्हें तनख्वाह भी देता था। मामले को लेकर ऐसी चर्चा है कि जिला मुख्यालय में जमीन दलाल सक्रिय हैं, जिन्होंने अपने आदमियों को एसडीएम कार्यालय में सिफारिश कर काम पर रखवाया था।
कलेक्टर लंगेह ने ३ जुलाई को प्रशासनिक कामकाज को लेकर कुछ फेरबदल किया था। राजस्व अनुभाग कार्यालय में एसडीएम अंकिता सोम को उप जिला निर्वाचन अधिकारी और प्रभारी अधिकारी डीएमएफ की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं बैकुंठपुर में नई एसडीएम के रूप में डिप्टी कलेक्टर दीपिका नेताम की पदस्थापना की गई है।
नई एसडीएम के पदभार संभालते ही कार्यालय में सरकारी कामकाज करने वाले प्राइवेट व्यक्तियों पर उनकी नजर पड़ी। फिर एक सप्ताह के भीतर ही एसडीएम कार्यालय में सरकारी काम करने वाले व्यक्तियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
वहीं कलेक्टर लंगेह ने प्राइवेट व्यक्तियों से काम कराने वाले लिपिक सहायक ग्रेड-2 मोहन राम को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के प्रतिकूल होने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लिपिक की निलबंन अवधि में मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर कोरिया में निर्धारित किया गया है।
एसडीएम कार्यालय बैकुंठपुर में प्राइवेट व्यक्तियों से सरकारी कामकाज कराने का मामला उजागर होने के बाद तहसील कार्यालय बैकुंठपुर, पटना में ऐसे ही कार्य कराने की चर्चाएं होने लगी है। जनवरी 2023 में पटना तहसील कार्यालय में सरकारी दस्तावेज में हेरीफेरी (धान का रकबा बढ़ाने-घटाने) करने के मामले में कथित तौर पर प्राइवेट व्यक्ति कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित 3 के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुके हैं।
आरोपी ने पटना तहसीलदार की आईडी से बिना बताए धान का पंजीकृत रकबा और किसानों के नाम खाते से हटवा दिया था। मामले में तत्कालीन तहसीलदार की जांच के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
कार्यालय में कितने व्यक्ति और कब से काम कर रहे थे। इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
दीपिका नेताम, एसडीएम बैकुंठपुर
Published on:
09 Jul 2024 09:03 pm
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