
Central school
बैकुंठपुर. प्राचार्य ने केंद्रीय विद्यालय में निर्धारित समय से प्रतिदिन 40 मिनट देरी से आने पर बड़ा कदम उठाया और शुक्रवार की सुबह ताला जड़कर शिक्षकों व विद्यार्थियां उल्टे पांव लौटा दिया। प्राचार्य के इस कदम से बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी मायूस होकर अपने-अपने घर लौट गए। वहीं दूसरे दिन निर्धारित समय पर स्कूल आने की चेतावनी दी गई है।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय खुलने का समय 7.20 बजे निर्धारित है लेकिन शिक्षक व विद्यार्थी मनमानी कर 8 बजे स्कूल पहुंचते हैं। यह सिलसिला लगातार चल रहा था और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। मामले में प्राचार्य ने नाराज होकर शक्रवार की सुबह निर्धारित समय पर स्वयं मुख्य द्वार पर पहुंचे और गेट पर ताला जड़ दिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी बाहर ही खड़े नजर आए। प्राचार्य ने स्कूल के बाहर खड़े रहने वाले शिक्षक व विद्यार्थियों को सख्त चेतावनी देकर दूसरे दिन निर्धारित समय पर स्कूल के अंदर प्रवेश करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुख्य द्वार के बाहर खड़े रहने वाले शिक्षक व विद्यार्थियों को उल्टे पांव घर लौटा दिया गया।
समझाइश के बाद भी नहीं आया था सुधार
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि आए दिन लेटलतीफी के कारण 4-5 दिन पहले शिक्षक व विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर आने की समझाइश दी गई थी। बावजूद किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ। मामले में निर्धारित समय पर ताला जडऩे का निर्णय गया और शुक्रवार को ताला जड़कर लेट आने वाले शिक्षक व विद्यार्थियों को घर लौटा दिया गया था।
कई बार दी गई थी समझाइश
देरी से आने वाले शिक्षक व विद्यार्थियों को कई बार समझाइश दी गई थी। लेकिन किसी प्रकार का सुधार नहीं किया। इसलिए जड़ा जडऩे जैसा बड़ा कदम उठाया गया है। वहीं सभी को स्कूल के लिए निर्धारित समय का विशेष ध्यान रखने की समझाइश दी गई है।
आरके कौशिक, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर
Published on:
15 Sept 2018 06:29 pm
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