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प्री-मानसून की हल्की बारिश भी नहीं झेल पाई इस नेशनल पार्क की 50 लाख की पुलिया

गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के सलगवांखुर्द में बिना सिविल इंजीनियर, ड्राइंग-डिजाइन के ही पुलिया निर्माण कराने का आरोप लगाया

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सोनहत. गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान की लापरवाही व गुणवत्ता में अनदेखी के कारण मनरेगा और आइएपी से निर्मित 49.27 लाख की पुलिया प्री-मानसून की हल्की बारिश में बह गई। राष्ट्रीय उद्यान में निर्माण कार्य की देखरेख सिविल इंजीनियर नहीं, बल्कि वनपरिक्षेत्र अधिकारी करते हैं और मनमानी कर ठेकेदार को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपकर आंख मंूद लेते हैं।


वर्ष 2018 में कोरिया जिले के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में रामगढ़ रेंज के आनंदपुर मार्ग पर सलगवांखुर्द में आइएपी के तहत 39 .42 लाख और मनरेगा से 9.84 लाख की लागत से पुलिया का निर्माण कराया जा रहा था। मजदूरों का कहना है कि रामगढ़ के एक बड़े राजनीतिक दल के नेता और स्थानीय ठेकेदार ने पुलिया निर्माण कराया है।

इस दौरान निर्माण स्थल पर कुल 114 मजदूर की हाजिरी भरी गई थी, जबकि बमुश्किल 50 मजदूर मौके पर कार्य कर रहे थे। वहीं ठेकेदार ने सैकड़ों साल के पेड़ कटवा कर निर्माण कार्य में उपयोग किया था और दिखाने के लिए क्रशर गिट्टी निर्माण स्थल से 100 मीटर दूर गिराई गई थी। निर्माण के बाद में दूर रखी क्रशर गिट्टी वापस चली गई थी।

निर्माण में भुसभुसी और जंगल की अमानक गिट्टी का प्रयोग कर हेराफेरी की आशंका जताई गई थी। निर्माणाधीन पुलिया में जंगल की गिट्टी लगाई जा रही है। सोनहत में 3 जून को हल्की बारिश हुई थी। इसमें पुलिया, 60 लकड़ी की सेंट्रिंग प्लेट, 10 लोहे की सेंट्रिंग प्लेट, स्लैब के नीचे की लकड़ी और प्लेट बह गया है।

वही दूसरा स्लैब निर्माण के एक दिन बाद बिना किसी सहारे खड़ा किया गया था। निर्माण में काम करने वाले मजदूर रामसजीवन, नवल साय ने बताया कि 3 मई को दोपहर 3 बजे बारिश से स्लैब बह गया है। जिससे बाद में काम बंद कर दिया गया है और उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। मजदूर भुगतान को लेकर पिछले एक सप्ताह से चक्कर लगाने को मजबूर हैं।


गुणवत्तायुक्त निर्माण सामग्री लगाने में कंजूसी
जिलाकांग्रेस का कहना है कि पार्क क्षेत्र में निर्माण सामग्री ठेकेदारों को नि:शुल्क मिल जाती है। जिससे फर्जी बिल लगाकर राशि निकाल ली जाती है। पार्क क्षेत्र में बहने वाली नदियों से रेत, ग्रामीणों से जंगल गिट्टी निकलवाते हैं और 150 रुपए चट्टा (मापने का ग्रामीण पैमाना) के हिसाब से गिट्टी खरीदी करते है। इसके अलावा नटवाही से आनंदपुर तक घटिया निर्माण कार्यों की भरमार है। जिसमें जंगल की गिटटी, जंगल का बालू और जंगल की लकड़ी को काट कर लगाया गया है।


राष्ट्रीय उद्यान में पहले भी दो-दो एनीकट बहा था
जिला कांग्रेस का कहना है कि अनुसार गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में गिधेर में 28 लाख और कछाड़ी में 22 लाख की लागत से निर्मित एनीकट बारिश में बह गया था। मामले में रायपुर से जांच दल पहुंचा और जांच में लापरवाही उजागर भी हुई थी। लेकिन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। मामले में राज्य शासन ने पार्क संचालक का स्थानांतरण कर दिया था, लेकिन लंबी पहुंच के कारण उनका स्थानांतरण रद्द करा लिया है।


घटिया निर्माण की भेंट चढ़ी, सीमेंट-सरिया में डण्डी मारी थी
कांग्रेस पदाधिकारी अविनाश पाठक के अनुसार भाजपा नेता और स्थानीय ठेकेदार द्वारा पुलिया निर्माण कराया जा रहा है। सलगवांखुर्द में निर्माणाधीन पुलिया में जंगल की गिट्टी और 8 एमएम की छड़ लगी है। वहीं पुलिया निर्माण में मात्र 15-16 लाख की खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। निर्माण कार्य की देखरेख करने रेंज अफसर कभी नही जाते थे। निर्माण कार्य ठेकेदार के भरोसे छोड़ रखा था। संचालक अंबिकापुर से बैकुंठपुर रोजाना आना-जाना करते हैं और पार्क में कभी कभार पहुंचते हैं।


चरम पर है भ्रष्टाचार
सोनहत-भरतपुर की क्षेत्रीय विधायक को वन विभाग का संसदीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बावजूद गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है। निर्माण के एक महीने के अंदर हल्की बारिश में पुलिया बह गई है। जिससे यह बात संकेत करता है कि राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों पर भाजपा जनप्रतिनिधियों का संरक्षण है। उद्यान क्षेत्र के दो-दो एनीकट पहले भी बहा था, जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नही की गई है। विभिन्न मामले को लेकर 22 जून को बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
गुलाब कमरो, उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया


प्राकृतिक आपदा से हुआ है ऐसा
प्राकृतिक आपदा से ऐसा हुआ है। निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त व निर्धारित मापदण्ड के हिसाब से हो रहा है। मजदूरी की समस्या है। उसे ठीक किया करने का प्रयास जारी है।
आरके उरांव, एसडीओ गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान कोरिया

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