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आजादी से पहले जिस शहर में बसे हैं 1090 परिवार, दस्तावेज ही नहीं, शहरी पट्टा देने का मामला फंसा

Urban Lease: मनेन्द्रगढ़ नगरपालिका अंतर्गत नजूल का सर्वेक्षण (Nazul's survey) एवं बंदोबस्त होने का कोई प्रमाण नहीं है, कब्जेदारों का कहना कि रियासतकाल में कब्जे के आधार पर अभिलेखों में दर्ज कराई गई थी भूमि

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Urban lease case stuck

Manendragarh city

बैकुंठपुर. Urban Lease: मनेंद्रगढ़ शहर में आजादी से पहले बसे परिवारों के पास नजूल दस्तावेज (Nazul's Documents) नहीं होने के कारण शहरी पट्टा देने में पेंच फंस गया है। वर्ष 2020-21 तक आंतरिक नजूल में 892, बाह्य नजूल में 198 सहित कुल 1090 कब्जेदारों का नाम दर्ज है। मनेन्द्रगढ़ बाजारपारा एवं अन्य स्थानों पर वर्ष 1952-53 में मालगुजार द्वारा नजूल भूमि पर कब्जे के आधार पर 486 कब्जेदारों के नाम दर्ज हैं। कोरिया रियासत के समय खसरा क्रमांक 143 रकबा, 113.57 एकड़ के कब्जेधारियों का वर्ष 1943-44 से 1947-48 तक का जिला अभिलेखागार में रेकार्ड है। जो कोरिया स्टेट भूखण्ड एवं मकान के किराया का किश्तबन्दी खतौनी रजिस्टर में अंकित हैं। जांच में पाया गया कि कब्जेदारों के पास नजूल संधारण खसरा के अतिरिक्त अन्य अभिलेख नहीं है।


कब्जेदारों का कहना है कि रियासतकाल में कब्जे के आधार पर अभिलेखों में भूमि दर्ज कराई गई थी। उसी भूमि पर आवासीय व व्यावसायिक निर्माण कर हम काबिज हैं। मामले में नजूल संधारण खसरा के अतिरिक्त अन्य अभिलेख व पट्टा नहीं होने के कारण नवीनीकरण का कार्य व व्यवस्थापन, स्थाई पट्टों का भूमिस्वामी हक देने में पेंच फंस गया है।

क्योंकि तहसील कार्यालय एवं जिला अभिलेखागार में नजूल मनेन्द्रगढ़ का नक्शा उपलब्ध नहीं है। न ही नजूल मनेन्द्रगढ़ के पृथक सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त होने का कोई प्रमाण है। फिलहाल नजरी नक्शा के आधार पर सामान्य कार्य कर रहे हंै।

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वर्षवार इतने रेकॉर्ड में
1943-44 478
1944-45 477
1945-46 461
1946-47 458
1947-48 473


यह उल्लेख है नजूल अधिकारी की जांच में
- मनेन्द्रगढ़ के मिसल बंदोबस्त वर्ष 1944-45 एवं अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 के खसरा क्रमांक 143 रकबा, 113.57 एकड़ आबादी मद में अंकित है।
- वर्ष 1952-53 में पहली बार नगर मनेन्द्रगढ़ के नजूल संधारण खसरा तैयार हुआ था। खसरे अनुसार आंतरिक नजूल में कुल 486, बाह्य नजूल में कुल 186 कब्जेदारों के नाम हैं।
- वर्ष 1947-48 के नजूल संधारण खसरा, क्षेत्रफल तथा कब्जेदारों का नाम कोरिया स्टेट भूखण्ड एवं मकान के किराया के लिए तैयार किश्तबंदी खतौनी रजिस्टर में दर्ज है।


- जिला अभिलेखागार में उपलब्ध नगर मनेन्द्रगढ़ के नजूल संधारण खसरा वर्ष 1953-54 से 1956-57 में कुल 627 कब्जेदारों के नाम हैं। लेकिन किसी भी कब्जेदार के पास कोई पट्टा नहीं है। भूखण्डों को किसी को पट्टे में देने के संबंध में कोई भी प्रकरण, पंजी या अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
- जिला अभिलेखागार में उपलब्ध वर्ष 1969-70 से 1972-73 तक नगर मनेन्द्रगढ़ के नजूल संधारण खसरा में कुल 740 कब्जेदारों के नाम हैं।

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तत्कालीन कलक्टर ने लीज समाप्ति अवधि अंकित करने किया था उल्लेख
तत्कालीन सरगुजा कलक्टर अंबिकापुर की ओर से 8 अगस्त 1991 में निर्देश जारी हुआ था। जिसमें 578 नजूल भूखण्ड, जो वर्ष 1945-46 की लीज भूमि है। उस नजूल भूखण्ड की लीज समाप्ति अवधि 1975 अंकित करने उल्लेख किया गया है। जबकि लीज का कोई भी प्रकरण पंजीबद्ध नहीं है और न ही लीज विलेख उप पंजीयक कार्यालय में पंजीकृत कराई गई है। फिर भी लीज भूमि मानकर समाप्ति अवधि 31 मार्च 1975 दर्ज करने निर्देश दिए गए थे।

मामले में तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ने संधारण खसरा के कालम 8, जिसमें पट्टा समाप्ति की अवधि रहती है। उसमें 31 मार्च 1975 अंकित कर दिया है। साथ ही कार्यालय राजस्व निरीक्षक नजुल मनेन्द्रगढ़ में संधारित लीज स्वीकृत रजिस्टर में शासन द्वारा जारी 62 लीजधारियों का नाम दर्ज है। वहीं कार्यालय नजूल में उपलब्ध प्रचलित वर्तमान संधारण खसरा वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक आंतरिक नजूल में कुल 892, बाह्य नजूल में कुल 198 कब्जेदारों का नाम दर्ज है।


अभी 10 दिन की छुट्टी पर हूं
फिलहाल मैं दस दिन से छुट्टी पर हूं। इसलिए शहर में नजूल भूमि का सर्वेक्षण प्रोग्रेस के संबंध में बेहतर जानकारी नहीं बता पाऊंगा।
बजरंग साहू, तहसीलदार मनेंद्रगढ़