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बैकुंठपुर. शादी को 8 साल होने के बाद भी दंपती को कोई संतान नहीं हुआ। उन्होंने डॉक्टरों से भी दिखवा लिया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसी बीच उन्हें एक वैद्य के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद दोनों वैद्य के पास पहुंचे और गर्भ ठहरने की जंगली जड़ी-बूटी ली।
पत्नी ने दवा की दो खुराक खा ली थी जबकि तीसरा खुराक लेने बुधवार की सुबह वैद्य के पास गई थी। तीसरा खुराक खाते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर स्थित ग्राम भकुमा निवासी प्रवीण कुशवाहा की वर्ष 2011 में चन्द्रमणी कुशवाहा (28) से विवाह हुआ था। इस दौरान करीब 8 साल तक दंपति को कोई संतान नहीं हुआ। इसके बाद दंपती अपने परिचितों की सलाह पर वैद्य शिवकुमार के घर पहुंचे।
महिला इससे पहले जंगली जड़ी-बूटी की दो खुराक ले चुकी थी और बुधवार को सुबह करीब 11 बजे तीसरी खुराक ली। करीब आधे घंटे बाद महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद आनन-फानन में महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य पटना भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल में तोड़ा दम
पटना अस्पताल से डॉक्टर ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गंभीर महिला की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में परिजनों ने वैद्य के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
Published on:
24 Jan 2019 07:29 pm
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