25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

6 साल के बच्चे ने खेल-खेल में निगल लिया सेल, फेफड़े में 3 दिन फंसा रहा, डॉक्टर्स ने ऑपरेशन कर 2 मिनट में निकाला

6 Year Old Child Swallowed Cell: मुंह से दूरबीन की मदद से दो मिनट में श्वास नली से सेल को बाहर निकाल दिया। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले खेलते समय सावन ने घड़ी का सेल मुंह में ले लिया था।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Akshita Deora

Dec 14, 2024

Kota News: कोटा मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में 6 साल के बच्चे का ऑपरेशन कर उसके फेफड़े से घड़ी का सेल निकाल कर जीवन बचाया। बच्चे ने खेल-खेल में घड़ी का सेल (कॉइन सेल) निगल लिया। सेल सांस की नली से होते हुए फेफड़ों में जाकर अटक गया। उसे सांस लेने में तकलीफ हुई तो माता-पिता एमबीएस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। एमबीएस अस्पताल में डॉक्टर्स ने सीटी स्कैन करवाया तो पता चला कि सेल राइट साइड के फेफड़े में जाकर फंसा है। शुक्रवार को ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिव कुमार के साथ डॉ. कुलदीप राणा, डॉ. शुभम व एनेस्थीसिया टीम से डॉ. देवराज ने दूरबीन की मदद से ऑपरेशन कर 2 मिनट में यह सेल निकाल दिया।

डॉ. शिव कुमार ने बताया कि मध्यप्रदेश के श्योपुर निवासी सावन (6) को परिजन गुरुवार शाम एमबीएस हॉस्पिटल लाए। उसका एक्सरे व सीटी स्केन करवाई तो फेफड़े में राइट साइड में घड़ी का सेल फंसा होने का पता लगा। मुंह से दूरबीन की मदद से दो मिनट में श्वास नली से सेल को बाहर निकाल दिया। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले खेलते समय सावन ने घड़ी का सेल मुंह में ले लिया था। सेल फंसने के बाद उसे खांसी होने लगी। सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उसे डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने हायर सेंटर पर इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद उसे कोटा लेकर आए।


यह भी पढ़ें : राजस्थान के कोटा में बड़ा हादसा, ‘निकासी’ में जा घुसी अनियंत्रित कार, नाचते-गाते लोगों में मच गई अफरा-तफरी, 9 घायल

कैमिकल से हो सकता था फेेफड़ों को नुकसान

उन्होंने बताया कि ऐसे मामले में ऑपरेशन जल्द करना होता है। इसकी वजह सेल किसी लिक्विड (खून या पानी) के कॉन्टेक्ट में आता है तो उसमें से कैमिकल निकलने लग जाते हैं। ये कैमिकल फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते थे। यदि सेल खाने की नली में फंस जाए तो नुकसान कर सकता है। सेल से निकलने वाले टॉक्सिन से शरीर में जहर फैलने की आशंका रहती है। इसको तुरंत निकालना जरूरी होता है। कोटा में खाने की नली में सेल फंसने के काफी मामले आए हैं। सांस की नली में सेल फंसने का मामला पहली बार सामने आया है।