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Greenfield Airport: राजस्थान के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर आई अपडेट, 800 करोड़ की परियोजना में RTU को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Rajasthan Technical University: आरटीयू की विशेषज्ञ टीमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि सभी काम तय मानकों के अनुसार पूरे हों।

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कोटा

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Akshita Deora

Apr 10, 2026

Kota-Bundi Greenfield Airport

फोटो-AI जेनरेटेड

Rajasthan Greenfield Airport Project: राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस (TPQA) का कार्य सौंपा गया है। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की तय अवधि लगभग दो वर्ष रखी गई है। आरटीयू की विशेषज्ञ टीमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि सभी काम तय मानकों के अनुसार पूरे हों।

परियोजना को दो भागों में बांटा

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को दो मुख्य हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहले हिस्से में एयरसाइड वर्क्स शामिल हैं, जिनमें रनवे, टैक्सीवे और उससे जुड़े तकनीकी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। दूसरे हिस्से में बिल्डिंग वर्क्स होंगे, जिनके अंतर्गत टर्मिनल भवन और अन्य जरूरी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन सभी कार्यों की गुणवत्ता की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की टीमों पर होगी।

देश के प्रमुख संस्थानों में से हुआ चयन

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस का कार्य कराने के लिए देश के प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों को आमंत्रित किया था। इसमें आईआईटी, एनआईटी और आरटीयू जैसे संस्थान शामिल थे। इनमें से आरटीयू कोटा को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया। विश्वविद्यालय की दो टीमें पूरे निर्माण कार्य के दौरान समय-समय पर निरीक्षण करेंगी और गुणवत्ता से जुड़े मानकों की जांच करेंगी।

निष्ठा और पारदर्शिता से किया जाएगा काम

आरटीयू के कुलगुरु प्रोफेसर निमित रंजन चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीम पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ काम करेगी। उनका कहना है कि इस परियोजना के माध्यम से आरटीयू की तकनीकी दक्षता और विश्वसनीयता को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम सभी मानकों का पालन करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।

औपचारिक रूप से सौंपा कार्यादेश

इस परियोजना का कार्यादेश औपचारिक रूप से जीएम (प्रोजेक्ट) सुनील प्रसाद ने कुलगुरु प्रोफेसर निमित रंजन चौधरी को सौंपा। इस अवसर पर डीजीएम अनिल झा, डीजीएम पंकज अग्रवाल और वरिष्ठ प्रबंधक (एएच) अविनाश राजपुरोहित मौजूद रहे। आरटीयू की ओर से डॉ. सुनील पुरोहित, डॉ. हरीश शर्मा, डॉ. अजय शर्मा और डॉ. सुरेश नागर भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।