12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Good News: राजस्थान की बाघिन ‘महक’ को मिलेगा हमसफर, शेरनी ‘सुहासिनी’ को अब भी शेर ‘अली’ का इंतज़ार

Tigress Mahak & Lioness Suhasini: शेरनी सुहासिनी जब से अभेड़ा आई, तब से वह भी अकेली ही है। उसके लिए सज्जनगढ़ से शेर ’अली’ को लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Akshita Deora

Jul 08, 2025

अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शेरनी सुहासिनी (फोटो: पत्रिका)

Abheda Biological Park: अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क को जल्द ही बाघ-बाघिन मिलने जा रहे हैं। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क जयपुर से इन वन्यजीवों को लाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। वन विभाग का वन्यजीव मंडल इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। मंडल की ओर से प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पार्क में मौजूद वन्यजीवों की कमी से अवगत कराया गया था। इसी क्रम में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक गत सप्ताह कोटा आईं और अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क का निरीक्षण किया।

सूत्रों के अनुसार, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने प्रक्रिया के तहत नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से एक बाघ या एक बाघिन को अभेड़ा पार्क में स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया। सूत्रों के अनुसार कुछ माह पूर्व जन्मे शावक भी अभेड़ा के सदस्य बन सकते हैं। वर्तमान में पार्क में शेर और बाघ दोनों की ही कमी है।

शेर और बाघ की नहीं है जोड़ी

अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में इस समय शेरनी ’सुहासिनी’ और बाघिन ’महक’ मौजूद हैं, लेकिन दोनों के जोड़ीदार नहीं हैं। जनवरी 2023 में केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से एक नर बाघ, एक मादा बाघ और एक मादा शेरनी को अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क कोटा स्थानांतरित करने की स्वीकृति दी थी। इस स्वीकृति के तहत 20 फरवरी 2023 को शेरनी सुहासिनी को नाहरगढ़ से अभेड़ा लाया गया। कुछ दिन बाद बाघिन महक और बाघ ’नाहर’ को भी यहां लाया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश बाघ नाहर की 9 अगस्त 2023 को मृत्यु हो गई, जिसके बाद से बाघिन महक अकेली है।

सुहासिनी भी अकेली

शेरनी सुहासिनी जब से अभेड़ा आई, तब से वह भी अकेली ही है। उसके लिए सज्जनगढ़ से शेर ’अली’ को लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। अब तक उसकी जोड़ी नहीं बन पाई है। अभेड़ा पार्क में वर्तमान में शेरनी सुहासिनी, बाघिन महक के अलावा पैंथर, भेड़िए, जरख, भालू, चिंकारे, ब्लैक बक, चीतल, नीलगाय, सांभर और सियार जैसे कई वन्यजीव मौजूद हैं। वन विभाग को उमीद है कि बाघ और शेर के जोड़ीदारों की जल्द आमद से न सिर्फ पार्क में वन्यजीवों की संया बढ़ेगी, बल्कि दर्शकों के आकर्षण में भी इजाफा होगा।

विभाग की ओर से शेर व बाघ को लाने के प्रयासरत हैं। इसके लिए प्रस्ताव भेजे हैं। फिलहाल नाहरगढ़ से जल्द एक बाघ की शिफ्टिंग के प्रति आश्वस्त किया है।

अनुराग भटनागर, उप वनसंरक्षक, वन्यजीव मंडल