
Heavy Rain Alert : भारी बरसात की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट, बिना अनुमति मुख्यालय छोडऩे पर रोक लगाई
कोटा.
मौसम विभाग की ओर से भारी बरसात की चेतावनी के मद्देनजर कोटा जिले के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के बिना अनुमति मुख्यालय छोडऩे पर रोक लगा दी गई है। जिला कलक्टर उज्जवल राठौड़ ने एक आदेश जारी कर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोडऩे के निर्देश दिए हैं। बाढ़ आपदा दलों व नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे चौकस व अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कलक्टर ने बताया कि आदेश की पालना नहीं करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों को इस आदेश की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि कोटा संभाग में पिछले कई दिनों से बरसात का दौर जारी है। चम्बल की सहायक नदियां उफान पर है। संभाग में कई गांव जलमग्न होकर टापू बन चुके हैं। फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। बरसात का दौर जारी रहने एवं चम्बल के बांधों में पानी की भारी आवक के चलते प्रशासन अलर्ट हो चुका है। चम्बल नदी के कोटा बैराज के दो गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। चम्बल पर बने जवाहर सागर बांध, रावतभाटा में राणाप्रताप सागर एवं गांधी सागर बांध में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। इधर संभाग के बारां के शाहबाद उपखण्ड में भारी बरसात के कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। बीते सप्ताह झालावाड़ जिले में भी भारी बरसात के बाद कालीसिंध, आहू नदी में उफान आ गया था। पिड़ावा, सुनेल, भीमसागर सहित कई क्षेत्रों मे भारी बरसात के बाद हालात विकट हो गए थे। कोटा संभाग के सभी जिलों में पिछले दिनों की भारी बरसात के बाद से प्रशासन हाई-अलर्ट मोड पर मुस्तैद होकर काम कर रहा है।
तात्कालिक पूर्वानुमान-
मौसम विभाग की ओर से बरसात को लेकर अलर्ट जारी किया जा रहा है। अलर्ट के अनुसार पूर्व अनुमान लगाकर ही तैयारी की जा रही है। पूर्वानुमान के अनुसार जयपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चूरू, सीकर, झुंझुनू, अजमेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर जिलों और आसपास के क्षेत्रों मे कुछ स्थानों पर मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस अवधि के दौरान श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, जयपुर, जिलों में कहीं कहीं वज्रपात, आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।
Published on:
02 Aug 2021 09:21 pm
