
BIG NEWS: पुलिस की लाठियों ने बना दिया 'चांदना' को 'मंत्री'
कोटा. बूंदी जिले के हिंडौली विधानसभा से लगातार दूसरी बार विधायक बने अशोक चांदना को कांग्रेस सरकार के मंत्रिमण्ड में जगह यूं ही नहीं मिली है। इसके पीछे उनका सहज व्यवहार, संघर्षशील और मजबूत जनसम्पर्क है। समाज के सभी वर्गों में अच्छी पैठ है। 2013 के विधानसभा चुनाव में चांदना हाड़ौती से कांगे्रस के एकमात्र विधायक रखे। मोदी लहर में हिण्डौली विधानसभा सीट जीतकर उन्होंने कांगे्रस की लाज रखी।
विपक्ष में रहते हुए चांदना ने किसानों के हक के लिए पुलिस की लाठियां खाई और जेल भी गए। इसके बावजूद धरतीपुत्रों को ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिला तो तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ जयपुर में महापड़ाव डाल किसानों की आवाज बुलंद की। आखिरकार सरकार को किसानों की मांग माननी पड़ी। चांदना की यही दृढ़ता कांगे्रस के शीर्ष नेतृत्व को भा गई। 2018 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही 34 वर्षीय चांदना भी राज्यमंत्री बन गए।
लाठीचार्ज में लहुलुहान हो गए थे चांदना
26 जून 2015 को ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा, किसानों के चार माह का बिजली का बिल माफ करने की मांग को लेकर विधायक अशोक चांदना के नेतृत्व में कांगे्रस कार्यकर्ताओं व किसानों ने अहिंसा सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले आजाद पार्क में जिलेभर के किसान एकत्रित हुए और बूंदी कलक्ट्रेट पर घेराव के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने अहिंसा सर्किल पर बेरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक लिया और कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंचने दिया। प्रशासन ने हिण्डोली विधायक को 50 लोगों के साथ कलक्ट्रेट में जाने की अनुमति दी लेकिन चांदना सभी को अपने साथ लेकर जाने पर अड़े रहे।
इस दौरान पुलिस ने विधायक सहित किसान व कार्यकर्ताओं को धकेलना शुरू कर दिया। पुलिस व विधायक में गहमा-गहमी हो गई। इसी बीच पुलिस ने लाठिचार्ज कर दिया। इससे किसान व कार्यकर्ता भड़क गए और जवाब में उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। लाठीचार्ज में चांदना का सिर फूट गया और उनका सफेद कुर्ता खून से रंग गया। इस दौरान चांदना सहित कांगे्रस के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने शहर के मीरागेट, सब्जीमंडी रोड और आजाद पार्क तक लोगों को खदेड़ा।
14 को शांतिभंग में पकड़ा
पुलिस ने हिण्डोली विधायक अशोक चांदना, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सी.एल. प्रेमी, पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत, विक्रम सिंह, विधायक के तत्कालीन निजी सहायक प्रहलाद यादव, योगेश, इदरीस, अनिल गुर्जर, महावीर गुर्जर, सतीश गुर्जर को मौके से हिरासत में लिया गया। हालांकि इन्हें बाद में छोड़ दिया गया। वहीं हरिओम गुर्जर, प्रदीप सिंह, रामदेव डाका सहित कुल 14 जनों को शांति भंग में गिरफ्तार किया गया था। इधर, कोतवाली थाना पुलिस ने हिण्डोली विधायक सहित 2 दर्जन लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा, पथराव कर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज कर किया गया।
Published on:
26 Dec 2018 10:29 pm
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