
कोटा। दुनिया में मां का दर्जा सबसे ऊंचा है। मां के कदमों में जन्नत है। मां के प्रति श्रद्धा व सम्मान की ऐसी ही भावना के साथ आदिलाबाद, तेलंगाना के आसिफ अंसारी पैदल ही हज यात्रा पर निकले हैं। लंबी यात्रा तय कर कोटा पहुंचे तो यहां विज्ञान नगर क्षेत्र में अंसारी का इस्तकबाल किया।
पत्रिका से बातचीत में अंसारी ने बताया कि मां शेख अलीमुनिशा की तबीयत खराब हो गई थी तो उन्होंने मन्नत मांगी थी कि मां की तबीयत ठीक होने पर वे पैदल हजयात्रा करेंगे। मां के ऑपरेशन के बाद वे एक सितम्बर को तेलंगाना से रवाना हुए थे और 13000 किलोमीटर की यात्रा तय कर हज करेंगे।
अंसारी रोज 72 किमी की यात्रा करते हैं। उपयुक्त स्थान पर ठहर जाते हैं। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश होते हुए राजस्थान आए हैं। हरियाणा, पंजाब, बाघा बोर्डर से पाक बोर्डर, इराक, अफगानिस्तान होते हुए सउदी अरब फिर मक्का पहुंचेंगे। अंसारी ने बताया कि अब तक सफर में परेशानी नहीं आई। लोग आगे से सपोर्ट कर रहे हैं। ऊपर वाला भी साथ है। मिर्च के व्यापारी आसिफ ने बताया कि मेरे यात्रा से पूरा परिवार खुश है। अंसारी अपने बच्चों को भी बड़े होने पर यात्रा के लिए प्रेरित करेंगे।
नूरी जामा मस्जिद कमेटी के प्रवक्ता लुकमान रजवी ने बताया कि सदर मौलाना मोहम्मद अशरफ, लुकमान रजवी, नौशाद अंसारी, फ़ारूक़ हुसैन भाई, इमरान खान, मोहम्मद शाकिर, बबलू भाई, मुन्ना ने अंसारी का इस्तक़बाल कर शुभकामनाएं दी।
Updated on:
06 Nov 2024 04:20 pm
Published on:
06 Nov 2024 04:20 pm
