
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह
कोटा. भाजपा के दौसा से सांसद हरीश मीना को अचानक कांग्रेस में शामिल करने तथा पार्टी नेताओं को कांग्रेस की रणनीति की भनक तक नहीं लगने से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खफा हो गए थे। उन्होंने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को दो टूक शब्दों में कह दिया कि कि कांग्रेस में तोड़-फोड़ कर डालो, चाहे कुछ भी करना पड़े। इसके बाद से ही मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता कांग्रेस में सेंधमारी की रणनीति में जुट गए थे और मौका मिलते ही कांग्रेस में तोडफ़ोड़ कर डाली। इसकी कमान खुद मुख्यमंत्री ने संभाल रखी थी। इसकी भनक ना तो कांग्रेस और ना भाजपा के स्थानीय बड़े नेताओं को थी। वे भी भौचक्के होकर इस सारे तमाशे को देखते रहे।
जानकार सूत्रों के मुताबिक, मीना के कांगे्रस में शामिल होते ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को कह दिया था कि कांग्रेस के दावेदारों से सम्पर्क में रहे। इसका जिम्मा मुख्यमंत्री ने अपने खास लोगों को सौंप रखा था। कांग्रेस की शनिवार को जारी की गई सूची में लाडपुरा से कांग्रेस की प्रमुख दावेदार कांग्रेस के पूर्व सांसद इज्यराजसिंह की पत्नी कल्पना देवी का नाम नहीं था। इसका पता चलते ही मुख्यमंत्री ने सीधा सम्पर्क कर भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया। इसके बाद सिंह की दिल्ली के वरिष्ठ नेताओं से भी बातचीत करवाई गई। लाडपुरा से कल्पना देवी को भाजपा से टिकट देने पर शनिवार को ही सहमति बन गई थी। मुख्यमंत्री के नजदीकी झालावाड़ के श्यामसुंदर शर्मा रविवार सुबह कोटा पहुंचे। उन्होंने राजभवन पहुंचकर इज्यराजसिंह व कल्पना देवी से लम्बी मंत्रणा की।
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यही स्थिति बूंदी में रही। बूंदी में कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री ममता शर्मा अपने बेटे समृद्ध शर्मा के लिए टिकट मांगा था। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। ममता शर्मा इससे खफा थी। यह बात मुख्यमंत्री को पता चलते ही उन्होंने तत्काल ममता शर्मा से बात कर पीपल्दा से टिकट देने का ऑफर दिया तो शर्मा ने स्वीकार कर लिया। हालांकि इस तोडफ़ोड़ में भाजपा को दो विधायकों की कुर्बानी देनी पड़ी है। लाडपुरा विधायक भवानीसिंह राजावत तीन बार लगाातर चुनाव जीते हैं।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के झालावाड़ में राजनीतिक सफर शुरू करने के दौरान राजावत काफी नजदीकी माने जाते थे। राजावत प्रदेश प्रवक्ता समेत कई पदों पर रहे चुकेहैं। पीपल्दा विधायक विद्यांशकर नंदवाना पहली बार जीते थे। नंदवाना जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख समेत कई पदों पर रह चुके हैं। नामांकन की अंतिम तिथि से एक दिन पहले हुए इस घटनाक्रम की स्थानीय पदाधिकारियों और
वरिष्ठ नेताओं तक को भनक नहीं लगने दी गई।
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भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी के दामाद डॉ. दुर्गाशंकर सैनी ने भी लाडपुरा से ताल ठोक दी है। वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने कांग्रेस से टिकट मांगा था, लेकिन नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार भाजपा से भी टिकट के लिए प्रयास किए, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। उधर, लाडपुरा से दावेदारी जता रहे हितेन्द्र शर्मा व प्रकाश जैन दीपपुरा से नामांकन भरने तथा निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा कर दी है।
Published on:
19 Nov 2018 01:09 pm
