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पॉजीटि‍व और नेगेटिव एसडीपी भी न मि‍ले तो क्या करें, ये बता रहे एक्सपर्ट

कोटा शहर में रक्त विशेषज्ञ सेमिनार में दूर करेंगे ब्लड डोनेशन को लेकर फैली भ्रांति‍यांं

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कोटा

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Deepak Sharma

Dec 07, 2017

blood

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कोटा . ब्लड डोनेशन को लेकर कोटा शहर में 2 दिनों तक रक्त विशेषज्ञों की सेमिनार और कई आयोजन किए जाएंगे। इस आयोजन के तहत गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां और नई तकनीक को लेकर मंथन किया गया। राजस्थान के कई रक्त विशेषज्ञों ने सेमिनार में भाग लिया और जानकारियों को साझा किया। राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के डायरेक्टर डॉ. एस.एस.चौहान ने कहा कि कोटा में नए हॉस्पिटल में नई एसडीपी मशीन लगाई जाएगी। इसके साथ ही कई अन्य जिलों और शहरों में भी यह मशीन लगाई जाएगी। इससे मौसमी बीमारियों में रक्त व एसडीपी को लेकर परेशानी से छुटकारा मिल सकेगा। डॉ. चौहान ने कहा कि राजस्थान में करीब 120 ब्लड बैंक हैं। जल्द ही कुछ और ब्लड बैंक खोलने की तैयारी है। इसके लिए लाइसेंस दिया जा रहे हैं। शुक्रवार को देश के साथ वि‍देश से आने वाले वि‍शेषज्ञ भी अपने वि‍चार व्‍यक्‍त करेंगे।


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एसडीपी को लेकर भी कई भ्रांतियां हैं
मणिपाल से आए डॉ. रवि दारा ने कहा कि बी पॉजीटिव और बी नेगेटिव नहीं हो तो एबी पॉजीटिव एसडीपी भी चढ़ाई जा सकती है, लेकिन अभी कुछ भ्रांतियां हैं, जिसके कारण लोग इस दिशा में काम नहीं कर पा रहे हैं। इस सेमिनार में इस विषय पर एक्सपर्ट फैक्ट्स से रूबरू करवाएंगे।


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अपने स्टेम सेल ही उपयोगी
फोर्टिस ग्रुप के डॉ. राहुल भार्गव ने स्टेम सेल्स पर जानकारी दी। डॉ. अनुपम ने स्टेम सेल निकालने के लिए उपयोग में ली जा रही मशीन के बारे में बताया कि व्यक्ति के ही स्टेम सेल का उपयोग किया जाए तो ज्यादा कॉम्पलीकेशन नहीं होते हैं। यदि किसी दूसरे व्यक्ति के स्टेम सेल का उपयोग किया जाता है तो कई सेल निष्क्रिय हो जाते हैं।