
झालावाड़. शहर में गोदाम की तलाई में गुरुवार दोपहर घर में एक डॉक्टर का शव मिला। पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में मौत का मामला दर्ज किया है। मूलत: कोटा निवासी डॉ. अनिल अग्रवाल किराए से रहते थे। शव करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। डॉ. अग्रवाल हरिगढ़ पीएचसी पर कार्यरत थे। वे 8 अक्टूबर को अवकाश पर थे तथा 9 को भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खुशाल सिंह राजपुरोहित ने बताया कि मकान मालिक राम पाटीदार ने सूचना दी कि मकान से बदबू आ रही है। अंदर से दरवाजा बंद था। जब दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर गए तो डॉ. अग्रवाल का शव फर्श पर पड़ा था। शव सड़ चुका था। यह हत्या है या आत्महत्या यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा।
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जानकारी के अनुसार डॉ. अनिल अग्रवाल शनिवार को सोनोग्राफी करने चौमहला गए थे। वहां से आकर रविवार को उन्होंने सपत्नीक करवा चौथ मनाई। उसके बाद वे स्वयं पत्नी डॉ. आशा को पीहर छोड़कर आए थे। डॉ.आशा झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में रेडियोलोजिस्ट रह चुकी है। डॉ. अनिल जनाना चिकित्सालय में सीनियर रेजीडेंट रह चुके हैं। स्थाई होने पर करीब डेढ़ साल से हरिगढ़ पीएचसी में गायनोलोजिस्ट के पद पर तैनात थे। अग्रवाल सोनोग्राफी में दक्ष होने से हर शनिवार को सोनोग्राफी भी करने जाते थे।
कल होगा पोस्टमार्टम
परिजनों के देर से आने के कारण शव का पोस्टमार्टम सुबह होगा। पुलिस की सूचना पर मृतक के पिता हरिश्चन्द्र शाम को पहुंचे। पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह होगा।
झालावाड़ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खुशालसिंह राजपुरोहित का कहना है कि पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
झालावाड़ मुख्य चिकित्सा एवं स्वस्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान का कहना है कि डॉ.अनिल अग्रवाल हरिगढ़ पीएचसी पर स्त्री रोग विशेषज्ञ पद पर तैनात थे। शनिवार को वे पीएचसी चौमहला पर सोनोग्राफी करने भी गए थे।
Published on:
12 Oct 2017, 9:14 PM IST
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