
कोटा .
बच्चे के जन्म पर अब अस्पताल के कर्मचारी परिजनों से बधाई के रूप में रुपए नहीं मांग सकेंगे। इसके लिए जेके लोन अस्पताल प्रशासन सख्त हो गया है। प्रशासन की ओर से अब रुपए मांगने की इस 'कुप्रथा' पर रोक लगाने के लिए डॉक्टर्स की देखरेख में टीम बनाई जा रही है। इसमें कई कर्मचारी व नर्सिंग स्टॉफ को शामिल किया जाएगा। ये टीम लेबर रूम में पैसे लेने वालों पर निगरानी रखेगी, साथ ही इसकी रिपोर्ट अधीक्षक को सौंपेगी। रिपोर्ट में कर्मचारी द्वारा पैसे लेने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कर्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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लाखों रुपए की वसूली
जेके लोन में प्रतिदिन लगभग 35 बच्चे जन्मते हैं। रिकॉर्ड के अनुसार यहां करीब 28 प्रतिशत डिलेवरी सिजेरियन होती है और 72 प्रतिशत सामान्य। कर्मचारियों द्वारा अनुमानित एक बच्चे के जन्म पर 500 रुपए तक वसूले जाते हैं। सूत्रों के अनुसार एक वर्ष में लाखों रुपए कर्मचारियों की झोली में आ जाते हैं।
दूरदराज से आती हैं प्रसूताएं
बच्चों की मृत्युदर कम करने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। इसके साथ ही सुरक्षात्मक दृष्टि से भी अधिकांश प्रसव जेके लोन में हो रहे हैं। यहां कोटा शहर के अलावा कोटा ग्रामीण, बांरा, बूंदी, झालावाड़, सवाईमाधोपुर, रावतभाटा सहित मध्यप्रदेश से भी प्रसुताएं आती हैं।
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अधीक्षक जेके लोन चिकित्सालय डॉ. एचएल मीणा का कहना है कि बच्चे के जन्म के बाद कर्मचारियों द्वारा रुपए मांगने की शिकायतें आती हैं। मजबूरी में व्यक्ति पैसे देकर चला जाता है। इसे रोकने के लिए कई डॉक्टर्स व स्टॉफ से बात की गई है। शीघ्र ही जेके लोन में नई व्यवस्था लागू होगी और पैसे लेने की पुष्टि होने पर सम्बंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
03 Jan 2018 06:30 pm
Published on:
03 Jan 2018 06:27 pm
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