
कोटा. कोटा-लालसोट मेगा हाइवे पर बूंदी जिले के पापड़ी गांव के पास मेज नदी में बस गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में गत 26 फरवरी 2020 को कोटा के 24 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद राजस्थान पत्रिका ने 27 फरवरी के अंक में ‘हादसों के लिए तैयार नहीं है कोटा’ शीर्षक से नदियों और उन पर बने पुल के सुरक्षा इंतजामों की खामियों को उजागर किया था। यह भी बताया था कि किस तरह पुल हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
मेज नदी में बस गिरने के बाद पत्रिका टीम ने पुलों पर जाकर देखा तो पाया कि वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने की कोई निगरानी व्यवस्था पुलों पर नहीं दिखी। मुख्यमंत्री वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए गए बजट में कोटा-लाखेरी-सवाई माधोपुर-लालसोट मेगा हाइवे पर पापड़ी गांव में मेज नदी पर 37 करोड़ 50 लाख की लागत से हाई लेवल ब्रिज के निर्माण की घोषणा की है।
इसी तरह इंद्रगढ़-ढीपरी-राजोपा-इटावा-ललितपुर स्टेट हाइवे 120 पर गोठड़ा कलां में चम्बल नदी पर हाई लेवल ब्रिज के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराई जाएगी। इसकी घोषणा भी बजट में गई है। गत 17 सितम्बर 2020 को कोटा जिले के खातौली क्षेत्र में गोठड़ा कला गांव में चम्बल नदी में नाव डूबने से 13 जनों की मौत हो गई थी। उस समय राजस्थान पत्रिका के समाचार प्रकाशित करके नदियों में अवैध नाव संचालन और नदी पार करने की मजबूरी के हालात को उजागर किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने यहां भी हाई लेवल ब्रिज बनाने की घोषणा की है।
ये भी घोषणाएं हुई
- कैथून-राजपुरा-बालाजी की थाक-अडूसा सडक़ मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल सांगोद में बनेगा।
- इंद्रगढ़-चंबल ढीपरी-राजोपा-इटावा-पीपल्दा-शहनावदा सडक़ का निर्माण होगा।
- कोटा-सुल्तानपुर-खातोली-श्योपुर मार्ग पर सुल्तानपुर में बाइपास का निर्माण कराया जाएगा।
- खातोली-सवाई माधोपुर मार्ग पर 131 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण किया जाएगा।
Published on:
25 Feb 2021 08:50 am
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