शहर की सडक़ों पर घूम रहे आवारा मवेशी जानलेवा साबित हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम व यूआईटी प्रशासन इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। इसी अनदेखी के कारण डीसीएम क्षेत्र के गोविन्द नगर में एक सांड ने 85 वर्षीय बुजुर्ग उठाकर फेंक दिया, इससे बुजुर्ग गम्भीर घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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रामगंजमंडी क्षेत्र के कुम्भकोट निवासी प्रकाश महावर ने बताया कि उसके पिता रामदेव (85) छोटे भाई के पास डीसीएम स्थित गोविन्द नगर आए हुए थे। शनिवार को पिता घर के बाहर सडक़ पर घूम रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए सांड ने उन्हें उठाकर फेंक दिया। इससे पिता का दाहिना हाथ, कूल्हे की हड्डी टूट गई। जांघ में बड़ा घाव हो गया। सडक़ पर घूमते मवेशियों से स्थानीय लोगों में काफी रोष व्याप्त है।
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मवेशी पहले भी ले चुके जान
शहर में आवारा मवेशियों की वजह से पहले भी कई लोगों जान गंवा चुके हैं। बोरखेड़ा में कोरल पार्क के पास 29 नवम्बर को सडक़ पर खड़े मवेशियों को बचाने के चक्कर में कार पलटने से एक युवक की मौत हो गई थी। 30 नवम्बर को डीसीएम पुलिया के पास मवेशियों के झगड़े से बचने के दौरान एक युवक की नहर में गिरने से मौत हो गई थी। इससे पहले भी मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग को सांड ने उठाकर फेंक दिया था।
कैटल फ्री शहर बनाने की योजना फ्लॉप
कांग्रेस सरकार में नगर विकास न्यास की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर बंधा धर्मपुरा में देवनारायण एकीकृत आवासीय योजना बनाई गई, ताकि शहर को कैटल फ्री बनाया जाए। योजना का उद्घाटन भी हो गया और पशुपालकों को शिफ्ट कर दिया। इसके बावजूद सडक़ों व नालों में पशुपालक जमे हुए हैं। निगम की ओर से भी सडक़ों पर घूमते मवेशियों को पकडऩे का काम केवल कागजों में चल रहा है।