4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कुल्फी लेने घर से निकला मासूम को रोडवेज ने कुचला, कलेजे के टुकड़े को लहुलूहान देख चित्कार उठे मां-बाप

बूंदी रोड पर गुरजनिया गांव में सोमवार दोपहर को रोडवेज बस ने गुरजनिया गांव में रोडवेज बस ने सात वर्षीय मासूम बालक को कुचल दिया।
2 min read
Google source verification

कोटा

image

Zuber Khan

Apr 30, 2019

Accident

कुल्फी लेने घर से निकला मासूम को रोडवेज ने कुचला, कलेजे के टुकड़े को लहुलूहान देख चित्कार उठे मां-बाप

नैनवां. बूंदी. बूंदी रोड पर गुरजनिया गांव में सोमवार दोपहर को रोडवेज बस ने गुरजनिया गांव में रोडवेज बस ने सात वर्षीय मासूम बालक को कुचल दिया। इससे बालक की मौके पर ही मौत हो गई। कलेजे के टुकड़े को लहुलूहान देख मां-बाप चित्कार उठे। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणो ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर जाम हटवाया।

Read More: बेटे की शादी के लिए बैंडबाजे की बुकिंग कर वोट देने निकला पिता को कार ने कुचला, मातम में बदली खुशियां

जानकारी के अनुसार गुरजनिया निवासी बद्रीलाल बंजारा के सात वर्षीय इकलौते पुत्र राहुल (7) दोपहर को करीब तीन बजे कुल्फी लेकर घर के सामने की सड़क पार कर रहा था। उसी समय कोटा से जयपुर जा रही रोडवेज बस ने उसे कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आंखों के सामने ही घर के चिराग की मौत से परिजन चित्कार उठे। राहुल बद्रीलाल का इकलौता पुत्र था। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

Big News: एसएसटी टीम के ड्राइवर को आई झपकी, हाइवे पर खड़े ट्रक से टकराई जीप, एएसआई की हालत नाजुक

बालक की मां और बुआ विलाप करने लगी तो पिता बेसुध हो गए। हादसे के बाद ग्रामीणों जाम लगा दिया। सूचना पर देई और नैनवां पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की समझाइश की। लेकिन , ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक व खेल मंत्री अशोक चांदना को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे और जाम हटाने से इंकार कर दिया। जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई। बाद में पुलिस उपाधीक्षक कैलाशचंद जाट व देई थानाधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समझाइश कर जाम हटवाया।

Read More: सुकेत में 4 पीढिय़ों ने एक साथ किया मतदान, 91 साल की अजीजा आधा किमी पैदल चल पहुंची वोट देने


गांव में पसरा सन्नाटा
मासूम बालक की मौत से गांव में मातम छा गया। कई घरों में चूल्हे नहीं जले। मां-बुआ और पिता की चित्कार से लोगों की आंखों से आंसू बह निकले। विलाप करती मां बार-बार बेहोश होती और होश में आती कहती, अभी तो घर में खेल रहा था मेरा लाल, कुल्फी लेने गया है, अभी लौट आएगा। स्कूल का होमर्वक भी पूरा कर लिया था। आईसक्रीम वाले की आवाज सुन बोला था, मम्मा कुल्फी लेकर आ रहा हूं, इतना कहकर दहाड़े मार रोने लगती। मां का गम देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। ग्रामीणों ने गमजदा परिवार को ढाढस बंधवाया।