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Ladpura Assembly In Charge Nemichand: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कोटा में प्रत्येक मंडल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत ‘वोट चोरी’ रोकथाम महाअभियान को मजबूत करने के लिए बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
इसी कड़ी में शनिवार शाम बोरखेड़ा मंडल की बैठक आयोजित की गई। इसमें बोरखेड़ा कांग्रेस मंडल के दीपक नामदेव और लाडपुरा विधानसभा प्रभारी नेमीचंद के बीच तीखी बहस हुई और विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट तक की नौबत आ गई। हंगामे के कारण बैठक बीच में ही खत्म करनी पड़ी।
बैठक में जयपुर से आए प्रभारी नेमीचंद ने कहा कि बैठक का उद्देश्य सिर्फ एसआइआर संबंधी चर्चा करना था। वहीं मंडल अध्यक्ष दीपक नामदेव और पदाधिकारी सामाजिक कार्यक्रमों के मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, जिससे विवाद बढ़ गया।
नामदेव ने बताया कि नेमीचंद ने कहा कि तुम लोग कार्यक्रम करते हो हम लोगों को बुलाते तक नहीं हो। इस पर दीपक ने कहा कि उनके कार्यक्रम सामाजिक सरोकार के हैं, जिनमें राजनीतिक रंग नहीं डाला जाता और हर विचारधारा के लोग शामिल होते हैं। इस दौरान नेमीचंद गुस्से में आ गए और नामदेव ने आरोप लगाया कि प्रभारी ने धमकी दी कि राजनीतिक करियर करियर खत्म कर दूंगा। बैठक में हुआ हंगामा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
मंडल अध्यक्ष दीपक नामदेव ने आरोप लगाया कि प्रभारी नेमीचंद ने उसे धमकाया और गालियां दी। बैठक में अंगूठा मरोड़ा और बाहर निकलते समय गोली मारने की धमकी दी। प्रभारी ने बैठक में हावी होने और सामाजिक कार्यक्रमों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की।
उनका कहना है कि उनकी टीम सामाजिक कार्य जैसे रक्तदान शिविर, निशुल्क चिकित्सा शिविर, पौधरोपण और गौ सेवा करती रही है। उन्होंने बैठक में किसी भी कार्यकर्ता को थप्पड़ नहीं मारा। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कौन किसको गाली दे रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है।
बैठक में वरिष्ठजनों से ये जरूर कहा था कि जो लोग चुनाव नहीं जीत रहे हैं। पार्टी उन्हें बार-बार टिकट दे रही है। इससे वह आक्रोशित हो गए और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से अपशब्द बोलने लग गए।
प्रभारी नेमीचंद ने बताया कि वे बैठक में एसआइआर संबंधी चर्चा के लिए आए थे, लेकिन दीपक ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि जिनके साथ चार-पांच लोग नहीं हैं, उन्हें जिलाध्यक्ष बना दिया जाता है। बैठक के दौरान निखिल सोनी नामक कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया, जिसका उन्होंने विरोध किया। दीपक और उनकी टीम ने उनकी बात नहीं सुनी और बैठक का माहौल बिगाड़ा।
आरोप है कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज को एडिट कर उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई गई। उन्होंने इसकी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को दी है। पार्टी ने नामदेव को पहले भी नोटिस जारी किया था। इससे वह और भी आक्रोशित होकर मेरे खिलाफ गलत मैसेज लोगों के बीच में फैला रहे हैं।
Updated on:
01 Dec 2025 10:02 am
Published on:
01 Dec 2025 10:02 am
