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Rajasthan Diwas: जानिए इन 12 योजनाओं के बारे में, जिनका कोटा से CM भजनलाल ने किया शुभारंभ

Rajasthan Diwas 2025: सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की युवा एवं कौशल नीति जारी करते हुए 12 योजनाओं की शुरुआत की। जानें इन योजनाओं के बारे में...

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कोटा

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Anil Prajapat

Mar 30, 2025

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कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा में राजस्थान दिवस के तहत आयोजित रोजगार उत्सव एवं युवा सम्मेलन में प्रदेश की युवा एवं कौशल नीति जारी करते हुए 12 योजनाओं की शुरुआत की। समारोह में प्रदेशभर के 7 हजार 800 से अधिक युवाओं को नौकरी के नियुक्ति पत्र जारी किए गए। जयपुर बम ब्लास्ट पीड़ित परिवार की बेटी को भी नियुक्ति पत्र सौंपा।

इस मौके पर सीएम भजनलाल ने कहा कि हम पांच साल में दस लाख युवाओं को रोजगार देंगे। इसमें चार लाख को सरकारी और छह लाख को निजी क्षेत्र में नौकरी देंगे। हमारी सरकार ने पहले ही साल में 16 नीतियां जारी की है। राइजिंग राजस्थान में 34 लाख करोड़ के एमओयू हुए हैं। जिनको जल्द धरातल पर उतारेंगे।

सीएम ने इन योजनाओं का किया शुभारंभ

1. राजस्थान युवा नीति 2025 : 2021 की जनगणना अनुमानों के अनुसार, राजस्थान की कुल जनसंख्या का 28.7 फीसदी युवा आबादी (2.27 करोड़) है। युवाओं में बेरोजगारी, नशीली पदार्थों की लत, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और औद्योगिक तैयारी की कमी जैसी चुनौतियाें से निपटना। युवाओं को समान अवसर उपलब्ध करवाने, नैतिक रूप से जागरूक, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और समाज के विकास व कल्याण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए रोडमैप।

2. राजस्थान कौशल नीति : री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग को बढ़ावा देते हुए नवीन अवसर विकसित किए जाएंगे। प्रौद्योगिकी एकीकरण तथा नवाचार से उद्योगों की बढ़ती मांग के अनुसार स्किल वर्कर उपलब्ध करवाएंगे। आईटीआई को इंडस्ट्री 4.0 ट्रेंड के लिए उन्नत कौशल केंद्रों के रूप में विकसित करना। कौशल प्रशिक्षण, कॅरियर परामर्श, पाठ्यक्रम चयन, इंटर्नशिप और रोजगार संबंधित जानकारी। कामगारों और युवाओं का कौशल बढ़ाना।

3. मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 92 प्रावधानों को राज्य में लागू करने के लिए शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, सहज, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप श्रेष्ठ शिक्षा देना है। इसमें विद्यालयों को सुंदर बनाने, भौतिक संसाधन पूरे करने, शिक्षकों का व्यावसायिक उन्नयन, विद्यार्थियों का आकलन कर सुधार, एआई का उपयोग कर श्रेष्ठ गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पहुंचाएंगे। जिससे राज्य में केजी से पीजी तक की शिक्षा एक ही धारा में वैश्विक आवश्यकता के अनुरूप सुलभ हो सकें।

4. रीडिंग तथा रेमेडिएशन कार्यक्रम (डिजिटल ऐप) : यह ऐप विद्यार्थी के पढ़े गए शब्दों तथा वाक्यों को रेकॉर्ड करेगा और तत्काल उसका विश्लेषण कर शिक्षक को बताएगा कि विद्यार्थी किन शब्दों का उच्चारण सही नहीं कर पा रहा है।

5. विद्यार्थी उपस्थिति एप : विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति के लिए शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद के लिए यह एप शुरू किया गया है। इससे प्रार्थना-सभा में ही अनुपस्थित विद्यार्थियों की जानकारी प्राप्त कर अभिभावकों के साथ नियमित साझा की जाएगी।

6. ऑन डिमांड एग्जाम : विभिन्न परिस्थितियों के कारण जो विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में बार-बार प्रयास के बाद भी सफल नहीं हो पाते, इसके लिए ‘ऑन डिमांड परीक्षा’ इस वर्ष से राजस्थान राज्य ओपन स्कूल की ओर से प्रति माह होगी। कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थी अपनी आवश्यकता अनुसार इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकेगा। उन्हें परीक्षा के लिए साल भर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

7. डिजिटल प्रवेशोत्सव : राजस्थान देश का पहला राज्य है, जो विद्यालय जाने योग्य आयु के बालक-बालिकाओं की पहचान, डिजिटल एप से किए जाने वाले सर्वे के माध्यम से करेगा। राज्य में पहली बार राजकीय विद्यालयों में प्रवेश का यह कार्यक्रम 15 अप्रेल से शुरू होगा।

8. बैग एवं यूनिफार्म की डीबीटी : कक्षा एक से आठ के साढ़े 13 लाख बच्चों और 9 से 12वीं की बालिकाओं को बैग एवं यूनिफार्म की राशि खातों में दी जाएगी।

9. अटल ज्ञान केंद्र : 3 हजार से अधिक जनसंख्या वाली हर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर चरणबद्ध अटल ज्ञान केन्द्र बनाए जाएंगे। युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और सार्वजनिक पुुस्तकालय के रूप में ई-लाइब्रेरी मिलेगी। अटल प्रेरकों की नियुक्ति होगी।

10. द्रोणाचार्य अवार्डी को भूमि आवंटन : अर्जुन पुरस्कार विजेताओं के समान द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को भी भूमि आवंटन के लिए आवश्यक प्रावधान लागू।

11. नई किरण नशा मुक्ति केन्द्र : युवाओं, विशेषकर छात्रों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना और विद्यार्थियों को मनोवैज्ञानिक सहायता एवं परामर्श प्रदान करने के लिए योजना।

12. मुख्यमंत्री युवा रोजगार प्रोत्साहन योजना : योजना में पहली बार निजी क्षेत्र में रोजगार पाने वाले 50 हजार रुपए तक मासिक वेतनभोगी को सरकार की मुख्यमंत्री युवा रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत 10 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।

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