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युवक की हत्या का दोषी माना, सात को उम्र कैद

धावदकलां गांव में 10 साल पहले हुई थी वारदात

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युवक की हत्या का दोषी माना, सात को उम्र कैद

युवक की हत्या का दोषी माना, सात को उम्र कैद

रावतभाटा. अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (बेगूं) राकेश गोयल ने युवक की हत्या के मामले में मंगलवार को सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। कुंडाल क्षेत्र के धावद कलां गांव में दस साल पहले खेत में मवेशी घुसने के विवाद को लेकर युवक की हत्या कर दी थी।
प्रकरण के अनुसार धावद कलां में मवेशियों द्वारा खेत में घुसकर फसल नष्ट करने को लेकर पड़ोसियों में पुराना विवाद चल रहा था। 29 सितंबर 2013 को बालचंद और मोहन लाल मीणा पर हमलावरों ने लाठियों व गंडासे से हमला कर दिया था। इस वारदात में बालचंद पुत्र रतनलाल मीणा (35) की मौत हो गई थी। रावतभाटा पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था।
एडीजे राकेश गोयल ने इस मामले में सुनवाई के बाद धावदकलां निवासी धनराज, दुर्गा शंकर, बालचंद पुत्र मदन लाल मीणा, नंदलाल मीणा, मुकेश, खोई खेड़ा निवासी दीपक, बनवारी को हत्या का दोषी माना। पीडि़त पक्ष की ओर से 23 गवाह और 43 दस्तावेज साक्ष्य पेश किए गए।
इन धाराओं में सजा सुनाई
अपर लोक अभियोजन फरीद मिर्जा ने बताया कि सभी दोषियों को धारा 302 में उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर 1 साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 307 में 7 साल कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 324 में 3 साल कारावास और 3 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 323 में 1 साल कारावास की सजा सुनाई और 1 हजार रुपए जुर्माना किया। जुर्माना नहीं देने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।