
लोकसभा अध्यक्ष संसद भवन में डेयरी एवं पशुपालक को बढ़ावा देने को लेकर बैठक लेते हुए (फोटो: पत्रिका)
Good News For Livestock Farmers: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा-बूंदी में डेयरी क्षेत्र के समेकित एवं सुदृढ़ विकास को लेकर नई दिल्ली संसद भवन कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इसमें केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह के साथ विस्तृत चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से कोटा-बूंदी क्षेत्र में डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाना तथा पशुपालकों और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि डेयरी सहकारी संस्थाओं को मजबूत करते हुए दुग्ध संकलन को अधिकतम किया जाए, ताकि कोटा-बूंदी के किसान एवं पशुपालक पशुपालन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। उन्होंने कोटा जिला दुग्ध उत्पादक संघ (कोटा) एवं उजाला एमपीओ के माध्यम से गांव-गांव में डेयरी सहकारिता का विस्तार करने, उत्पादक सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने और मिल्क कलेक्शन पॉइंट्स पर इलेक्ट्रॉनिक दूध परीक्षण उपकरण एवं बल्क मिल्क कूलर्स स्थापित करने के निर्देश दिए।
साथ ही दुग्ध उत्पादकों को उनके बैंक खातों में 100 प्रतिशत डिजिटल भुगतान सुनिश्चित करने, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन प्रणाली अपनाने तथा उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया। बिरला ने देश में दुग्ध सहकारिता के सफल मॉडल के रूप में स्थापित अमूल का उदाहरण देते हुए निर्देशित किया कि कोटा दुग्ध संघ भी उसी प्रकार अपने कार्यों का विस्तार करें। उन्होंने दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, सहकारी समितियों का विस्तार करने, जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने और कोटा डेयरी विकास योजना के अंतर्गत पशुपालकों को अनुदान उपलब्ध कराने पर बल दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा में प्रस्तावित कोटा में एनिमल वेटरनरी कॉलेज की बजट घोषणा पर चल रही कार्यवाही की भी समीक्षा की। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता, लोकसभा के संयुक्त सचिव गौरव गोयल एवं केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग के अधिकारी, कोटा दुग्ध संघ के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
बिरला ने कोटा-बूंदी क्षेत्र में छोटी बायोगैस इकाइयों की स्थापना तथा वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चारा उत्पादन प्लांट स्थापित करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की। पशुओं की नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान की कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली और निर्देशित किया कि इन योजनाओं को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए।
Published on:
28 Mar 2026 10:22 am
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