कोटा प्रवास पर आए 'नोटबंदी के चाणक्य' अनिल बोकिल ने मंगलवार को पुरुषार्थ भवन में शहर के व्यापारी-उद्यमियों से नोटबंदी व जीएसटी की आवश्यकता, लागू होने के बाद आए सकारात्मक-नकारात्मक परिणाम, देश के विकास में किए जाने वाले सुधारात्मक प्रयासों के बारे में खुलकर बातचीत की।
उन्होंने पावर प्रेजेंटेंशन के जरिए व्यापारी-उद्यमियों को नोटबंदी लागू करने के बारे में विस्तार से बताया। उद्यमियों की विभिन्न शंकाओं, प्रश्नों का संतोषजनक जवाब दिया। द एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल ने सवाल किया कि नोटबंदी के बाद आंतकवाद व जाली नोटों पर लगाम तो लगी, लेकिन भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ। ब्लैकमनी भी अपेक्षा के अनुरूप सामने नहीं आई। इस पर बोकिल ने जवाब दिया कि अभी तो नोटबंदी हुए एक साल ही हुआ है। पहले साल कुछ परेशानी जरूरी आई, लेकिन इसके भविष्य में सुखद परिणाम आएंगे।