
Dharma-karma: कोटा का बेटा कल्प, तप व साधना का ''वृक्ष''बनने को आतुर, 12 वर्ष की आयु में लेगा दीक्षा
Dharma-karma: कोटा.कहते हैं कि पूत के पग पालने में ही दिख जाते हैं। ऐसा ही उदाहरण पेश कर रहे हैं कोटा के कल्प। छावनी तिलक नगर निवासी 12 वर्षीय कल्प कुमार बोरडिया दो माह बाद 14 दिसंबर को पालीताणा गुजरात में मुनि दीक्षा लेगा। बालक के सम्मान में कोटा में वरघोड़ा निकाला।
बोरडिया के चाचा विनय जैन ने बताया कि कल्प अभी मात्र 12 वर्ष का है, लेकिन बचपन में ही लग गया था कि बालक को देखकर लग गया था कि यह सामान्य नहीं है। वह बचपन से ही दीक्षा-दीक्षा करता रहता था। करीब तीन वर्ष की आयु में कल्प ने बोलना सीखा तो मां, पापा जैसे शब्दों के साथ दीक्षा ही बोलता था। सुनकर परिवार के लोग आश्यर्च में पड़ जाते थे। बालक के पिता विजय कुमार बोरडिया व्यवसायी व मां शिल्पा गृहणी है। बालक कल्प अभी चौथी कक्षा में पढ़ता है। पिता मैसूर में व्यवसाय करते हैं। परिवार के साथ कल्प भी वहीं रहता है।
9 साल की आयु में किया आयंबिल
परिवारजन बताते हैं कि संत नयचन्द्र सागर सूरिश्वर के सान्निध्य में मात्र 9 वर्ष की आयु में बालक ने आयंबिल किया।इसके बाद से ही बालक संत के सान्निध्य में है।उसने संत के साथ चेन्नई से राजस्नान के जालोर तक पैदल विहार भी किया है। छावनी तिलक नगर निवासी कल्प अभी कोटा में है।
वरघोड़ा निकाला, किया पूजन
बारह वर्षीय मुमुक्षु कल्प कुमार के दीक्षा कार्यक्रम के तहत रामपुरा क्षेत्र में वरघोड़ा निकाला गया। बैंड बाजों के साथ संतों के सान्निध्य में वरघोड़ा रघुनाथ चौक रामपुरा से रवाना हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कई श्रद्धालु धर्म ध्वजा लहराते, जयकारे लगाते चल रहे थे।
मुमुक्षु बालक व कल्प के पिता विजय बोरडिया व मां शिल्पा बग्घी में सवार थी। बालक के चाचा विनय बोरडिया ने बताया कि जुलूस क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होते हुए गीता भवन पहुंचा, जहां वर्शीदान समेत अन्य आयोजन हुए। मुमुक्षु कल्प ने कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को वर्शीदान के रूप में गुड़ भेंट किया। इससे पहले जुलूस का मार्ग में कई जगहों पर स्वागत किया गया। श्री चन्द्रप्रभु जिनालय, तपागच्छ समाज की ओर से बालक कल्प व माता-पिता समेत अन्य का सम्मान किया।
सचिव संजय शाह व अन्य लोग मौजूद रहे। गीता भवन में आयोजित कार्यक्रम के बाद दानबाड़ी दादाबाड़ी में पंचकल्याणक पूजन का आयोजन किया गया। गीत, भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
Updated on:
15 Oct 2022 11:40 pm
Published on:
15 Oct 2022 11:39 pm
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