
सरकार बदलने के बाद अब मनरेगा को लेकर नया प्रस्ताव पारित
कोटा. मनरेगा के तहत आगामी वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले की 155 ग्राम पंचायतों में 10 हजार 803 रोजगार सृजन और परिसंपत्ति निर्माण के कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों पर 8 विभाग में 401 करोड़ 92 लाख 71 हजार रुपए खर्च करेंगे। जिला परिषद ने ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर प्राप्त हुए सभी कार्यों का अनुमोदन कर दिया है। इन प्रस्तावों को स्वीकृति के इस सप्ताह राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
इन कार्यों से 130.10 लाख मानव दिवसों के रोजगार का सृजन होगा। सबसे ज्यादा 10029 कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराए जाएंगे। इन पर 335 करोड़ 71 लाख 50 हजार रुपए खर्च होंगे। सीएडी की ओर से 230 कार्य कराए जाएंगे, इन पर 13 करोड़ 50 लाख 11 हजार रुपए खर्च होंगे। जल संसाधन विभाग की ओर से 88 कार्यों पर 11 करोड़ 15 लाख 37 हजार रुपए खर्च करने का प्रस्ताव लिया गया है।
कलक्टर, एसपी, विधायकों के जाने से हुए नाराज
चार माह बाद बुधवार को हुई जिला परिषद की सामान्य बैठक में मौसमी बीमारी, बिजली, सड़क और किसानों के ऋण से जुड़े मुद्दे छाए रहे। बैठक खत्म होने से पहले ही जिला कलक्टर और एसपी दूसरी बैठक में शामिल होने चले गए, वहीं विधायक भी बैठक के दौरान पूरे समय मौजूद नहीं रहे। इसे लेकर भाजपा सदस्यों ने हंगामा कर दिया।
उन्होंने कहा, वे किसानों को ऋण नहीं मिलने की समस्या कलक्टर को बताते, लेकिन वे बिना सुने ही चले गए। कानून व्यवस्था से जुड़ी बात एसपी के समक्ष उठाते। उन्हें दूसरी बैठक में जाना था तो एडीएम को यहां बुलाना चाहिए था। उन्होंने जिला परिषद सीईओ से एडीएम को बुलाने की मांग की और जब मांग नहीं मानी तो वे बैठक का बहिष्कार कर चले गए।
सदस्य प्रेम गोचर और बद्री गोचर ने कहा, जब बैठक में जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं हैं तो वो वे किसे अपनी बात बताएं। विधायकों ने बैठक शुरू होने से पहले कलक्टर को बुलाया और जब कलक्टर आ गए तो खुद विधायक भी उनके साथ बैठक खत्म होने से पहले ही चले गए। इस पर सीईओ बी.एम. बैरवा ने कहा, कलक्टर और एसपी को दूसरी आवश्यक बैठकों में जाना जरूरी था, इसलिए गए, कोई भी समस्या हो तो मुझे बताएं, वे समाधान का प्रयास करेंगे।
Updated on:
31 Jan 2019 09:02 pm
Published on:
31 Jan 2019 09:02 pm
