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डॉक्टर ने राममूर्ति बाई से मांगी थी घूस, अदालत ने दिया जेल में ठूस

कोटा. रिश्वत मांगने के 14 साल पुराने मामले में अदालत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अयाना के तत्कालीन प्रभारी डॉक्टर गोरधनलाल मीणा को दंडित किया है।
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Bribe Case

कोटा .

रिश्वत मांगने के 14 साल पुराने मामले में अदालत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अयाना के तत्कालीन प्रभारी डॉक्टर गोरधनलाल मीणा को बुधवार को 4 साल कठोर कैद व 50 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।

डॉ. मीणा के खिलाफ राममूर्ति बाई ने 4 अक्टूबर 2004 को एसीबी कोटा में शिकायत दी थी। जिसमें कहा था कि उसने प्रेमपुरा स्थित अपने खेत को हांकने के लिए हेमराज मीणा व रामनाथ बैरवा को काम पर रखा था। काम करते समय कुछ लोगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। जिसकी रिपोर्ट उसने अयाना थाने में दर्ज करवाई थी। उन दोनों मजदूरों की मेडिकल रिपोर्ट डॉ. मीणा को तैयार करने थी।

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डाॅ. मीणा ने दोनों की मेडिकल रिपोर्ट अच्छी बनाने की एवज में उससे 15 हजार रुपए की मांग की। रिश्वत नही देने पर मेडिकल रिपोर्ट बिगाडऩे की धमकी दी। काफी समझाइश के बाद मामला 6 हजार रुपए में तय हुआ। इस शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन कराया। उसी दिन 2 हजार रुपए लेकर फरियादी को डॉक्टर के पास भेजा लेकिन उसने पूरे रुपए लाने के लिए कहा। वह जब 5 अक्टूबर को 6 हजार रुपए लेकर डॉकटर को देने गई तो शक होने पर उसने रुपए नहीं लिए।

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सहायक निदेशक अभियोजन एहसान अहमद ने बताया कि एसीबी ने जाच में डॉक्टर के खिलाफ रिश्वत मांगने के मामले में आरोप पत्र पेश किया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। सभी पक्षों को सुनने के बाद भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने डॉ. गोरधनलाल मीणा को रिश्वत मांगने का दोषी मानते हुए पीसी एक्ट की धारा 7 में 4 साल कठोर कैद व 50 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।