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मरीजों के भगवान फिर हुए नाराज दी हड़ताल की धमकी

कोटा. एमबीएस व न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित पीजी हॉस्टल में असुविधाओं के विरोध में रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कार्य बहिष्कार किया।
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कोटा

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abhishek jain

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Updated: 5 Dec 2017, 9:55 PM IST

Doctor's Strike

कोटा .

एमबीएस व न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित पीजी हॉस्टल में असुविधाओं के विरोध में मंगलवार को रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से दो घंटे कार्य बहिष्कार किया गया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजमल मीणा ने बताया कि पिछले एक वर्ष से दोनों अस्पतालों के पीजी हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। प्राचार्य व दोनों अस्पतालों के अधीक्षकों से व्यवस्थाएं सुधारने का आग्रह किया लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। इसके विरोध में रेजीडेंट डॉक्टर्स ने न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य द्वार पर नारेबाजी कर धरना दिया।

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यह है समस्याएं

दोनों अस्पतालों के हॉस्टल में पीने का साफ पानी व मैस में फर्नीचर नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार से प्रशासनिक भवन तक सड़क क्षतिग्रस्त है। नालियां टूटी होने से हॉस्टल के अंदर व बाहर गंदगी रहती है। सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा कई समस्याएं हैं, जिनका समाधान नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य प्रथम डॉ. नरेश राय को अवगत कराया है। यदि 10 दिन में समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चित काल के लिए कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

दो घंटे सीनियर डॉक्टर्स ने संभाली ओपीडी
रेजीडेंट डॉक्टर्स के कार्य बहिष्कार करने पर सीनियर डॉक्टर्स ने ओपीडी में दो घंटे मरीजों को देखा। बाद में सभी रेजीडेंट कार्य पर लौट आए और व्यवस्थाएं माकूल हो गई।

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सेवारत चिकित्सक कल से शुरू करेंगे हस्ताक्षर अभियान

राजस्थान राज्य सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय चौधरी, उपाध्यक्ष वर्षा सक्सेना सहित 12 चिकित्सकों का स्थानांतरण किए जाने व सरकार के समक्ष हुए समझौते को अमल में लाने की मांग को लेकर राजस्थान के सेवारत चिकित्सकों द्वारा अस्पताल के बाहर टेंट लगाकर मरीज को देखा रहा है।

संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही। संघ की ओर से बुधवार से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की जाएगी। हस्ताक्षर के बाद इस 51 फीट लंबे बैनर को सरकार को भेजा जाएगा। संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल ने बताया कि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा।