
बातचीत करती टीम (फोटो: पत्रिका)
Rajasthan News: कोटा जिले में दो मामलों में समय रहते कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नाबालिगों के विवाह रुकवाए। एक मामले में जहां शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारी का बाल विवाह रोका गया, वहीं दूसरे मामले में एक नाबालिग युवती ने खुद फोन कर अपने विवाह की सूचना दी, जिससे उसका विवाह भी रुक गया।
जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीणा ने बताया कि कुन्हाड़ी क्षेत्र में तुकाराम सामुदायिक भवन में एक बालक के विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन को मिली थी। सूचना पर लाडपुरा तहसीलदार, चाइल्ड हेल्पलाइन, सृष्टि सेवा समिति और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की । युवक के घर जाकर जांच की गई, जहां दस्तावेजों में उसकी आयु 20 वर्ष पाई गई। इस पर टीम ने परिजनों को विवाह तत्काल रोकने के निर्देश दिए और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। युवक अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति पर शिक्षा विभाग में कार्यरत है ।
संरक्षण अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि दूसरे मामले में एक नाबालिग युवती ने खुद चाइल्ड हेल्पलाइन पर कॉल कर बताया कि उसके माता-पिता 26 अप्रेल को उसकी शादी कराने की तैयारी कर रहे हैं । विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जा रही थी । बाद में युवती ने दोबारा कॉल कर बताया कि वह घर से निकलकर डीसीएम रोड पर खड़ी है और काफी डरी-सहमी हालत में है ।
सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन और सृष्टि सेवा समिति की टीम मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित अपने साथ लिया । इस दौरान टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई और स्थिति को शांतिपूर्वक संभाला। इसके बाद उद्योग नगर थाने में सूचना दर्ज कर उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहां काउंसलिंग के बाद उसे अस्थायी रूप से राजकीय बालिका गृह में आश्रय दिलाया गया । दोनों मामलों में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बाल विवाह रोके जा सके हैं और संबंधित परिवारों को कानून के प्रति जागरूक किया गया है ।
Updated on:
21 Apr 2026 02:09 pm
Published on:
21 Apr 2026 02:09 pm
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