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300 महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल हो सकते हैं हिंदी मीडियम, राजस्थान सरकार ने मांगी रिपोर्ट

Rajasthan Education Department: राजस्थान सरकार ने कम नामांकन वाले महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की समीक्षा शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया में कोटा संभाग के दो स्कूल भी शामिल हैं।
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कोटा

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Akshita Deora

Jul 03, 2026

mahatma gandhi school

फाइल फोटो: पत्रिका

Rajasthan Mahatma Gandhi Govt English Medium Schools: राजस्थान सरकार ने स्टूडेंट की कम संख्या वाले महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की समीक्षा शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया में कोटा संभाग के भी 2 स्कूल शामिल किए हैं। इनमें कोटा जिले के इटावा और झालावाड़ जिले के पिड़ावा का महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शामिल है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों की रिपोर्ट भी मांगी है जहां इंग्लिश मीडियम स्कूल की तुलना में हिंदी मीडियम की जरूरत अधिक महसूस की जा रही है।

300 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सूची में शामिल

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को 7 कार्य दिवस के भीतर विस्तृत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि किन विद्यालयों को दोबारा हिंदी मीडियम में संचालित किया जाए। राजस्थान में करीब 300 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय इस समीक्षा के दायरे में हैं।

शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों को किया शामिल

शिक्षा विभाग के अनुसार जिन स्कूलों में लंबे समय से विद्यार्थियों का नामांकन कम है या स्थानीय स्तर पर हिंदी माध्यम की मांग अधिक है, वहां माध्यम परिवर्तन पर विचार किया जाएगा। डीईओ से मांगी गई रिपोर्ट में विद्यालय का वर्तमान और पिछले सालों का कक्षावार नामांकन, आसपास स्थित हिंदी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की दूरी, विद्यालय में संचालित विषय और संकाय, स्थानीय अभिभावकों की राय तथा अंग्रेजी से हिंदी मीडियम में परिवर्तन की आवश्यकता का स्पष्ट कारण शामिल करने को कहा गया है। इनमें से जिन विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम में पर्याप्त विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है, वहां किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। वहीं कम नामांकन और स्थानीय मांग के आधार पर चयनित स्कूलों को वापस हिंदी मीडियम में परिवर्तित किया जाएगा।

बच्चों और अंग्रेजी माध्यम शिक्षकों को होगी परेशानी

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत मार्च में हो चुकी है और विद्यार्थी पहले से ही अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में यदि सत्र के बीच विद्यालयों का माध्यम बदला जाता है तो छात्रों को पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने भी नई व्यवस्था के अनुरूप कार्य करने की चुनौती रहेगी। अभिभावकों का मानना है कि यदि माध्यम परिवर्तन किया जाता है तो इसे नए सत्र से लागू किया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।