
भारतीय रेलवे (सोर्स: ANI)
Indian Railway News: रेलवे व्यापारियों के माल के परिवहन को अधिक सुरक्षित, तेज और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। रेलवे अब व्यापारी और उद्योगों की जरूरत के अनुसार गुड्स ट्रेनों के वैगन (कोच) का डिजाइन तैयार करवाएगी। इससे राजस्थान के उद्योगों को भी वस्तु-विशिष्ट वैगन उपलब्ध होंगे, जिससे लोडिंग-अनलोडिंग आसान होगी, माल की सुरक्षा बढ़ेगी और रेल के जरिए माल ढुलाई को नई गति मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने वैगन डिजाइन नीति में व्यापक सुधार करने का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड इसी महीने नई वैगन डिजाइन नीति जारी करेगा। वैगनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी RDSO की रहेगी।
रेलवे में वर्तमान में सीमेंट और नमक के लिए कुछ समय पहले ही विशेषीकृत वैगन विकसित किए जो सफल रहे। ऐसे में अब राजस्थान के सांभर लेक से जाने वाले नमक के लिए भी इस वैगन का उपयोग किया जा सकता है। रेलवे ने उद्योगों के अनुसार वैगनों के डिजाइन को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना है। वस्तु विशेष के अनुसार वैगनों में लोडिंग, अनलोडिंग एवं परिवहन प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। विशेष डिजाइन वैगनों को विभिन्न वस्तुओं की विशिष्ट हैंडलिंग, लोडिंग, अनलोडिंग एवं परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाएगा। रेलवे ने अन्य उद्योगों जैसे खाद्य, रसायन और कृषि उत्पादों के लिए भी विशेष वैगन डिजाइन पर अध्ययन शुरू किया है।
रेलवे बोर्ड विभिन्न वस्तुओं के परिवहन के अनुसार गुड्स ट्रेन कोच डिजाइन करने को लेकर फोकस कर रहा है। इससे पहले नमक व सीमेंट के लिए विशेष कोच डिजाइन किए गए, जो सफल रहे।
सौरभ जैन, पीआरओ, कोटा रेल मंडल, कोटा
नई वैगन डिजाइन नीति से रेलवे माल परिवहन तंत्र और वैगन विकास में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इससे उद्योगों को सड़क मार्ग के स्थान पर रेल से माल परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी। रेल परिवहन सड़क परिवहन की तुलना में करीब 90 प्रतिशत अधिक पर्यावरण-अनुकूल है। इससे हरित रेलवे एवं हरित लॉजिस्टिक्स विजन को बढ़ावा मिलेगा। रेल के पूर्ण विद्युतीकरण के साथ रेल आधारित माल परिवहन का विस्तार किया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और आवश्यक वस्तुएं आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती बन सकेंगी। इसके साथ ही उद्योगों की सप्लाई चेन मजबूत होगी, समय की बचत होगी और देश में व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। रेलवे की यह पहल डिजिटल और आधुनिक लॉजिस्टिक सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Updated on:
03 Jul 2026 09:18 am
Published on:
03 Jul 2026 09:07 am
