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कोटा। महावीर नगर थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में सोमवार को एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान बारां जिले के नारेड़ा निवासी गोपाल यादव के रूप में हुई है। वह बीते एक महीने से अपनी पत्नी लीलाबाई के साथ अस्पताल परिसर में ही लावारिस की तरह रह रहा था। आर्थिक तंगी और पारिवारिक उपेक्षा के कारण दोनों जैसे-तैसे भोजन का जुगाड़ करके दिन काट रहे थे।
गोपाल यादव टीबी से पीड़ित था और कई बार उसे अस्पताल में भर्ती भी करवाया गया। उपचार के बाद डिस्चार्ज होने पर भी दंपती अस्पताल परिसर को छोड़कर नहीं गए। रविवार को अस्पताल के गेट नंबर 4 इमरजेंसी के बाहर अचानक गोपाल की मौत हो गई। पत्नी लीलाबाई ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे ने उन्हें घर से निकाल दिया था। अब उनके पास न तो अंतिम संस्कार के लिए पैसे हैं और न ही कोई सहारा। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने पति का शव गांव नहीं ले जाना चाहती।
अस्पताल चौकी के कांस्टेबल राजकुमार स्वामी ने बताया कि पहले महिला को शव घर ले जाने को कहा गया, लेकिन उसने इनकार कर दिया। ऐसे में स्थानीय लोगों और जन सहयोग से बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी शुरू की गई है।
इधर महावीर नगर सीआइ रमेश कविया ने बताया कि दोनों पति-पत्नी न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में रहते थे। गांव जाने से मना करने पर पुलिस ने जनसहयोग से शव का अंतिम संस्कार करवाया है।
Updated on:
19 Aug 2025 02:28 pm
Published on:
19 Aug 2025 02:28 pm
