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500 रुपए के लिए लगा रहे 50 चक्कर, बुढ़ापे में पेंशन के लिए परेशान

बुजुर्ग व विधवा महिलाओं को पेंशन के लिए काटने पड़ रहे चक्कर। पैसों के आभाव में खुद को संभाल पाना भी मुश्किल हो गया है।

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कोटा

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ritu shrivastav

Oct 17, 2017

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पेंशन के लिए परेशान हाे रहे बुजुर्ग

पेंशन समय पर मिले तो साग-सब्जी और रोज के खर्चे चलें। बैंक जाते हैं तो सेवा केंद्र भेज देते हैं, जब वहां जाते हैं तो वापस बैंक। दोनों के बीच बुजुर्ग व विधवा महिलाएं परेशान हो रही हैं। बुढ़ापे में कुछ किया भी नहीं जा सकता। हड्डियां इतनी कमजोर हो गई कि अब चक्कर लगाना भी मुश्किल है। बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि कई महिलाएं पेंशन पर ही आश्रित हैं। पेंशन नहीं मिलने से उनके घर दीपावली कैसे मनेगी।

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गैरों का मुंह ताकना पड़ता है

पेंशन के पांच सौ रुपए मिलते हैं, लेकिन वह भी समय पर नहीं। एेसे में खर्चे के लिए गैरों का मुंह ताकना पड़ता है। ये कहना है 80 साल कस्तूरी बाई का। मामला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का है। सरकार इस विभाग के जरिए विधवा महिलाओं को पांच सौ व बुजुर्गों को सात सौ रुपए प्रति माह पेंशन सीधे उनके खातों में डलवाती है,लेकिन दो माह से पेंशन नहीं मिल रही। एेसे में डीसीएम क्षेत्र स्थित एसबीआई बैंक में बुजुर्ग व विधवा महिलाएं चक्कर काटने को मजबूर हैं।

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2 माह से नहीं मिली

बुजुर्गों ने कहा कि डीसीएम क्षेत्र स्थित बैंक से प्रति माह पेंशन मिलती है, लेकिन दो माह से पेंशन नहीं मिल रही। उन्हें प्रेमनगर, कसुंआ व डीसीएम क्षेत्रों के सेवा केंद्रों में भेजा जा रहा है, लेकिन वहां से भी निराश लौटना पड़ रहा है। इन्द्रा गांधी नगर निवासी बुजुर्ग कस्तूरी बाई पेंशन लेने एसबीआई बैंक पहुंची। उनका पैर जला हुआ था। चलने-फिरने मे लाचार होने के बावजूद जैसे-तैसे वह पहुंची। बैंक प्रबंधन ने पेंशन देने से मना कर दिया। इस पर वह निराश होकर बैंक के सामने पेड़ के नीचे बैठ गई। इसी दौरान वहां पहुंचे पत्रिका संवाददाता को अपनी पीड़ा बताई। इस पर संवाददाता महिला को बैंक प्रबंधक के पास लेकर गया और पेंशन दिलाई।

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कहां जाएं कौन बताएगा

इन्द्रा गांधी नगर निवासी शांति बाई को एक माह से पेंशन नहीं मिल रही। एसबीआई की शाखा पहुंचकर पता किया तो वहां से ग्राहक सेवा केन्द्र भेज दिया, लेकिन वहां भी पेंशन नहीं मिली। अब वो चक्कर काटने को विवश हैं। कंसुआ निवासी मुन्ना खां ने बताया कि उन्हें हर माह एसबीआई बैंक से पेंशन मिलती है, लेकिन इस बार मना कर दिया गया। बैंक वालों ने कहा कि दूसरी जगह जाओ। कहां जाएं यह नहीं बताया, अब क्या करूं।


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3 जगह पर सेवा केन्द्र

एसबीआई डीसीएम के प्रबंधक एस.आर. मीणा ने कहा कि बैंक में भीड़ कम करने के लिए तीन जगहों पर ग्राहक सेवा केन्द्र शुरू किए हैं। लोग वहां जाकर आधार कार्ड व बैंक डायरी दिखाकर पेंशन ले सकते हैं। बैंकों में आने वाले बुजुर्गों को पेंशन देने के प्रयास किए जा रहे हैं।