
शहर की बिजली संबंधित परेशानियों को बिजली अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए रविवार को विधायक संदीप शर्मा द्वारा सर्किट हाउस में बैठक बुलाई गई।
विधायक शर्मा बैठक में लोगों की परेशानी बताने वाले थे, लेकिन उन्हें ही पूरे समय बिजली अभियंताओं से उनकी परेशानियां व सरकार की विफलताएं सुननी पड़ी।
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एक्सईएन आरसी शर्मा ने दिल खोलकर अपनी व शहर की जनता की पीड़ा सार्वजनिक कर दी।
उन्होंने कहा कि कोटा के लिए ऊ परी स्तर पर कुछ नहीं हुआ। 20 साल से कोटा के इंजीनियर 132 केवी जीएसएस चिल्लाते रहे लेकिन आज तक एक भी नहीं बना।
अब एक दादाबाड़ी में बन रहे 132 केवी जीएसएस से कुछ होने वाला नहीं है। 20 साल पहले शहर को जरूर एक ही 132 केवी जीएसएस की जरुरत थी, लेकिन अब तो 4 की जरुरत है। कोटा का उद्धार तभी हो सकता है जब तत्काल 132 केवी के 4 जीएसएस बने।
शर्मा ने कहा कि कोटा का पानी ठण्डा हो गया। कोटा व भरतपुर में बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंप दी गई। कोटा में कुछ नहीं हुआ, लेकिन भरतपुर उबल गया।
आज जनता कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज नहीं होने से दुखी है, कॉल सेंटर का केन्द्रीयकरण कर जयपुर में ही पूरे डिस्कॉम क्षेत्र की शिकायतें दर्ज करने की व्यवस्था कर दी गई।
इसका भी कोटा में किसी भी स्तर पर विरोध नहीं हुआ। आज भरतपुर में आंधी आ जाती है तो जयपुर का कॉल सेंटर नंबर इतना व्यस्त हो जाता है कि बाकी किसी अन्य जगहों की भी शिकायतें दर्ज ही नहीं हो पाती।
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