
कार्यक्रम के दौरान नृत्य की प्रस्तुति दे रही बालिका सौम्या के सिर पर रखे मटके से जलता हुआ कंडा गिर गया। इसके लकड़ी के मंच ने आग पकड़ ली। इससे बालिका की चुन्नी जल गई। हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल आग बुझा दी। इससे आग आगे नहीं बढ़ी वरना हादसा हो सकता था।
इधर कॉलेज के इस ऑडिटोरियम के फायर फाइटिंग के पूरे सिस्टम पर जंग लगा हुआ है। यहां कार्यरत एक भी कर्मचारी को सेफ्टी सिस्टम की जानकारी नहीं है। साथ ही फायर सेफ्टी के सिलेण्डर और पानी फेंकने के वाल्व दिखावे के लिए लगे हैं।
उधर, कार्यक्रम में प्रतिभाओं ने जजेज के निर्णय पर असंतोष जताया और हूटिंग की। झालावाड़, बूंदी और बारां से आए प्रतिभागी हंगामा करते हुए मंच के नजदीक आ गए। कुछ स्टेज पर चढ़ गए और माइक छीन लिया।
झालावाड़ से आए दीपक रावत का कहना था कि तबला वादन और आशु भाषण सहित कई प्रतियोगिताओं में गड़बड़ हुई। नाटक में कोटा को 45 मिनट देने और दूसरों को कम समय दिया है। विरोध करने पर हमें ऑडिटोरियम से बाहर निकाल दिया।
Published on:
10 Dec 2016 07:20 am
