
होम्योपैथिक चिकित्सक संघ के प्रांतीय अधिवेशन में अतिथियों को सम्मानित करते आयोजक।
कोटा. ऑल राजस्थान होम्योपैथिक डॉक्टर्स एसोसिएशन का प्रांतीय अधिवेशन रविवार को डकनिया रोड स्थित एक होटल में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता एमपीके होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज जयपुर के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. जे.डी. धरयानी थे।
उन्होंने कहा, यूएस में सबसे ज्यादा एलर्जी रोगी हैं। यूएस से ही भारत में एलर्जी फैल रही है। बच्चे, महिला, बुजुर्ग, युवा सब एलर्जी के शिकार हो रहे हैं। इनमें जुकाम-खांसी, दमा, चर्म रोग शामिल है। आधुनिक लक्षणों के आधार पर दवाइयां दी जाती हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से यह उभर कर आ जाती है। कोई दवा काम नहीं करती। एक बीमारी को ठीक करने के लिए अन्य बीमारी घर कर जाती है। एलोपैथिक में फायदा तुंरत मिलता है, फिर से उभर कर सामने आने की शिकायत आती है, लेकिन होम्योपैथिक में समय लगता है, लेकिन जड़ से रोग खत्म हो जाता है। उन्होंने बताया कि आज हर परिवार में दस में से आठ जने किसी न किसी एलर्जी के शिकार हैं। यह सब्जियों व फलों में प्रयुक्त किए जा रहे कैमिकल के कारण हो रहा है। इसी के चलते धीरे-धीरे एलर्जी के मामले बढ़ रहे हैं।
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जिला स्तर पर खुले होम्योपैथिक अस्पताल
स्वास्थ्य कल्याण होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज जयपुर के प्रिंसिपल डॉ. दिनेश गोयल ने बताया कि शहरों में जिस तरह से मौसमी बीमारियां पैर पसार रही हैं। इसमें होम्योपैथिक दवाइयां उतनी ही कारगर हैं। इसके लिए उच्च स्तर पर कॉलेज है। नीचले स्तर पर डिस्पेसरियां हैं, लेकिन जिला स्तर पर होम्योपैथिक अस्पताल नहीं है। एेसे में होम्योपैथिक अस्पताल खुलने चाहिए, ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके। अधिवेशन को सेन्टर कॉउंसिल ऑफ होम्योपैथिक के डॉ. पंकज शर्मा, डॉ.पंकज गर्ग, डॉ. अतुल कुमार सिंह ने सम्बोधित किया। अधिवेशन में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. डी.के. शर्मा, प्रदेश सचिव डॉ. लोकमणि गुप्ता, कोटा अध्यक्ष डॉ. ओ.पी. बवेजा, सचिव डॉ. मुकेश मोहन दाधीच उपस्थित रहे।
Published on:
18 Sept 2017 05:52 pm
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