
रावतभाटा। श्री कृष्ण जन्म के बाद अब शहर सहित उपखंड में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गणेश चतुर्थी का पावन उत्सव भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी 7 सितंबर शनिवार को (Ganesh Chaturth Date 2024) है। इस बार की गणेश चतुर्थी पर 4 शुभ योग बन रहे हैं। गणेश चतुर्थी के दिन घर पर श्रद्धालु गणेशजी की मूर्ति की स्थापना करते हैं और उनका पूजन विधि विधान से करते हैं। इसके बाद गणेशजी का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन करते हैं।
रावतभाटा शहर में सार्वजनिक गणेश उत्सव में गणेशजी की प्रतिमा स्थापित होगी और इस अवसर पर घरों में प्रथम पूज्य गणेशजी की मूर्ति स्थापित कर पूजा अर्चना की जाएगी। सार्वजनिक गणेश उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा।
गणेश चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 11:03 बजे से दोपहर 01:34 बजे तक है। गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर में पूजा होगी और रात के समय में चंद्रमा का दर्शन नहीं होगा। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर चांद देखने से झूठा कलंक लगता है।
गणेश मूर्ति, लकड़ी की चौकी, केले के पौधे मंडप बनाने के लिए। पीला और लाल रंग का कपड़ा, नए वस्त्र, जनेऊ, पताका, चंदन, दूर्वा, फूल, अक्षत, पान का पत्ता, सुपारी, मौसमी फल, धूप, दीप, गंगाजल, कपूर, सिंदूर, कलश, मोदक, केला, पंचामृत, पंचमेवा, मौली, आम और अशोक के पत्ते, गणेश चालीसा और आरती, गणेश चतुर्थी व्रत कथा की पुस्तक।
पंडित मनोज शास्त्री के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, ब्रह्म योग और इन्द्र योग बनेगा।
Updated on:
01 Sept 2024 06:16 pm
Published on:
01 Sept 2024 06:09 pm
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