
कोटा.
अब तक तो ऋणी, गैर ऋणी, बटाईदार किसानों की रबी-खरीफ फसलों का ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न बीमा कम्पनियों के माध्यम से बीमा कराया जाता था। इस साल से फलदार बगीचों, सब्जियों का भी सरकार ने बीमा कराना शुरू कर दिया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा हाल ही में नोटिफिकेशन जारी करने के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन कर दिया है। योजना के तहत प्रदेश में फलदार बगीचों, सब्जियों, कंद की फसल का बीमा करने के लिए बजाज एलाइंज जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को अधिकृत किया है।
अनुदान की गारंटी नहीं, जारी रखनी होगी योजना
सरकार ने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि अधिसूचित फसलों के प्रीमियम पर राज्य सरकार, केंद्र सरकार से अनुदान नहीं मिलने की स्थिति में भी सम्बंधित बीमा कम्पनी को योजना की क्रियांविति जारी रखनी होगी। बीमा कम्पनी द्वारा अधिसूचित फलदार बगीचे, सब्जियों के अधिकतम 7 हैक्टेयर तक प्रीमियम पर किसान को अनुदान देय होगा।
किसानों को देने होंगे आई प्रूफ,
शपथ पत्र गैर ऋणी किसान स्वैच्छा से बीमा कराता है तो उसे आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि को उपलब्ध कराने होंगे। अगर किसी ने बटाई पर जमीन ली है तो जमीन मालिक से शपथपत्र लेकर कम्पनी में जमा कराना होगा।
बैंक ऋणी किसानों की फसल का बीमा अनिवार्य
नोटिफिकेशन में स्पष्ठ है कि जिन किसानों ने सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक, व्यावसायिक बैंक, भूमि विकास बैंक किसी भी वित्तीय संस्था ने बगीचे, सब्जी उपजाने के लिए ऋण लिया है तो उस किसान के ऋण से प्रीमियम कटौती के समय इस आशय का शपथ पत्र लिया जाएगा कि उक्त खेत में की गई खेती, फसल का उसने किसी भी अन्य वित्तीय संस्था से बीमा नहीं कराया है।
योजना लाभकारी सिद्ध होगी
राज्य सरकार ने फलदार बगीचों, सब्जियों की बीमा पॉलिसी में हाल ही में संशोधन किया है। इससे प्रदेश के बागवानों, सब्जी उत्पादकों को लाभ मिल सकेगा। खास तौर पर हाड़ौती के अमरूद, संतरा उत्पादक किसानों के लिए यह योजना लाभकारी सिद्ध होगी।
- पीके गुप्ता, संयुक्त निदेशक, उद्यान, कोटा
Published on:
09 Aug 2018 04:21 am
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