
गुड न्यूज: चिकित्सक-नर्सिंग के बीच कड़ी का काम करेंगे जीडीए, प्रदेश में 780 प्रशिक्षित युवा हो रहे तैयार
कोटा. कोरोना महामारी ने जोर पकड़ा तो जीडीए चिकित्सक व चिकित्सा कर्मियों के बीच योजक कड़ी बनेंगे। ये कर्मचारी निजी अस्पतालों में दोनों का सहयोग कर कोरोना रोगियों की सेवा करेंगे। केन्द्र सरकार की स्किल डवलपमेंट योजना के अनुसार अस्पताल प्रबंधन इन कर्मचारियों को रख सकेंगे। इससे प्रबंधन को तो तो रोगियों के इलाज में तो मदद मिलेगी ही, इन कर्मचारियों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
यह है योजना
नेशनल स्किल डवलपमेंट कॉपरेशन के सशक्त भारत-स्वस्थ भारत के तहत इन युवाओं के पदों को जनरल डयूटी असिस्टेंट नाम दिया गया। प्रदेश में जयपुर में 460, अलवर में 260 व कोटा में 60 युवा जनरल डयूटी असिस्टेंट का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस योजना के तहत इनको मानव सरंचना के 24 टॉपिक्स पढ़ाए जा रहे हैं। यह युवा निजी अस्पतालों, होम्यो, एलोपैथी क्लिनिक, दवा की दुकान, लैब क्लिनिकों पर कार्य कर रोजगार हासिल कर सकेंगे।
ऐसे दिया जा रहा प्रशिक्षण
सेंटर कॉर्डिनेटर संजय शर्मा ने बताया कि इन युवाओं को एक माह का सैद्धान्तिक पाठ्यक्रम व 90 दिन का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विषय विशेषज्ञ सुबह 10 से शाम 6 बजे तक इनकी क्लास ले रहे हैं। 10वीं पास युवा स्किल इंडिया की वेबसाइट पर जाकर पंजीयन करवा सकते हैं। पंजीयन के बाद रिक्त पदों के आधार पर संस्थाओं के माध्यम से चयन किया जाएगा।
ऐसे कर रहे तैयार
सेंटर निदेशक डॉ. यश भार्गव ने बताया कि इन युवाओं को मानव सरंचना में तंत्रिता तंत्र, मांसपेशियां, कंकाल तंत्र, रक्त परिसंचरण तंत्र, श्वसन व पाचन तंत्र, यूरिन तंत्र समेत अन्य बीमारियों की आवश्यक जानकारी दी जा रही है। युवाओं को चिकित्सा के साथ अस्पताल प्रबंधन कार्य, फायर सेफ्टी, आईसीयू केयर, मरीजों की देखभाल व सीपीआर देना सीखा रहे है।
Published on:
10 Jan 2022 11:48 am
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