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​हैरत में पड़े अधिकरी, शर्म से झुक गए शिक्षकों के सिर

शिक्षा संबलन अभियान के तहत चल रहे स्कूलों के निरीक्षण में बच्चे न तो हिन्दी पढ़ पाए न ही हल कर सके सवाल।
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कोटा

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ritu shrivastav

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Updated: 6 Oct 2017, 1:21 PM IST

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शिक्षा संबलन अभियान में स्कूलों का निरीक्षण

कक्षा कक्ष में लगे ब्लैक बोर्ड पर अंग्रेजी में मैन वूमैन व हिन्दी के सरल शब्द जब छात्र-छात्राएं नहीं लिख पाए तो प्रशासनिक व शिक्षा विभाग के अधिकारी हैरत में पड़ गए, वहीं संस्था प्रधानों व शिक्षकों के सिर शर्म से झुक गए। शिक्षा संबलन अभियान के तहत स्कूलों के निरीक्षण में यह बात सामने आई। अभियान के दौरान गुरुवार को जिले के कुल 47 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह ने अन्ता के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बमोरी का निरीक्षण किया।

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पढ़ाई के साथ व्यवस्थाओं में भी फैल

निरीक्षक ने कक्षा तीन के बच्चों से किताब पढऩे को कहा तो एक भी बच्चा किताब नहीं पढ़ पाया। आठवीं के बच्चे जोड़ व बाकी नहीं कर सके। विद्यालय के शाौचालय के अंदर व बाहर गंदगी थी, जिसे साफ करने को कहा। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर, पेयजल की व्यवस्था आदि का निरीक्षण करते हुए प्राचार्य को व्यवस्था को अधिक बेहतर बनाने संबंधी निर्देश प्रदान किए।

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हिन्दी में ज्यादा बुरा हाल

राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद जयपुर एवं जिले के प्रभारी युगानंतर शर्मा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय रानीबड़ौद पहुंचे। यहां पर जाते ही कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों से बातचीत की। कंडेंस कोर्स के अंतर्गत बालिकाएं एबीसीडी नहीं पहचान पाई। कक्षा छह में बच्चों से अंग्रेजी में मैन व वूमैन लिखने को कहा तो एक भी बच्चा लिख नहीं पाया। हिन्दी में तो बच्चों का हाल इससे ज्यादा बुरा था।

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एक घंटे बाद भी नहीं खुला स्कूल

गुणवत्ता शिक्षा प्रभारी गंगाधर निर्मल ने बताया कि डाइट के प्रधानाचार्य बिरधीलाल नागर निरीक्षण करने प्राथमिक स्कूल कापड़ीखेड़ा पहुंचे लेकिन सुबह 10.30 बजे तक स्कूल नहीं खुला था। इससे पर प्रधानाचार्य ने नाराजगी जताई। उन्होंने संस्था प्रधान से मौके पर ही स्कूल खुलवाया। बच्चों का शैक्षणिक स्तर जांच तो कमजोर पाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक राधेश्याम जाट ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल बैंगनी का निरीक्षण किया।

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यहां ठीक मिला स्तर

बीकानेर निदेशालय के उपनिदेशक मूलचंद बोहरा ने उच्च प्राथमिक स्कूल नियाणा का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने बच्चों की कक्षा ली। इसमें कक्षा छह से आठ तक का गणित व अंग्रेजी का शैक्षणिक स्तर बहुत अच्छा पाया। लेकिन कक्षा 1 से 5 वीं तक का शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया गया। उपनिदेशक ने बच्चों से पहाड़े पूछे तो बच्चे जवाब नहीं दे पाए। विद्यालय परिसर में साफ सफाई नहीं होने पर उपनिदेशक ने नाराजगी जताई।

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पीईईओ की बैठक आज होगी

निर्मल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर दो बजे किशनगंज ब्लॉक के पीईईओ की बैठक बीआरसी कार्यालय किशनगंज में होगी। अध्यक्षता जिला प्रभारी युगानंतर शर्मा करेंगे।