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अब जली अफसरों की बत्ती, निरीक्षण को पहुंचे सेंट्रल जेल

जेलर बत्तीलाल मीणा के पकड़े जाने के बाद एडीएम सिटी बीएल मीणा, पुलिस उप अधीक्षक शिव भगवान गोदारा और एसीबी बारां के एएसपी राजेन्द्र सिंह गोगावत और कई थानाधिकारियों ने मंगलवार को निरीक्षण किया।

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जेलर बत्तीलाल मीणा के पकड़े जाने के बाद एडीएम सिटी बीएल मीणा, पुलिस उप अधीक्षक शिव भगवान गोदारा और एसीबी बारां के एएसपी राजेन्द्र सिंह गोगावत और कई थानाधिकारियों ने मंगलवार को निरीक्षण किया।

इस दौरान जेल अधीक्षक सुधीर प्रकाश पूनिया भी मौजूद थे। यह निरीक्षण औपचारिक ही रहा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को जेल में निरीक्षण के लिए प्रवेश करने से पहले इतनी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ी कि काफी समय लग गया। इससे पहले ही जेल कर्मचारी अंदर चले गए और बात फैल गई।

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अंकुर-अनूप की बैरक में मिले सामान

दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक अधिकारियों ने जेल का निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान रुद्राक्ष हत्याकांड के आरोपित अनूप व अंकुर पाडि़या की बैरकों में नमकीन के कई पैकेट, कई जोड़ी जूते,मोबाइल चार्जर व बैटरी और टीवी जैसी सुविधा लगी मिली।

हालांकि निरीक्षण के बाद एडीएम सिटी बीएल मीणा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बंदियों के पास मोबाइलकी एक पुरानी बैटरी व चार्जर ही मिला है। जेल में ये सामान कैसे पहुंचे इस बारे में वे कोई जवाब नहीं दे सके। मीणा ने बताया कि जेल में जैमर के सही ढंग से काम नहीं करने पर इसे ठीक कराने और चारदीवारी पर तारों में बिजली करंट लगातार प्रवाहित करने के निर्देश दिए हैं।

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चाय सैम्पल लेने की बात पर फूले हाथ-पांव

सूत्रों के अनुसार अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान ही जेल में बंदियों के लिए बाल्टी भरकर चाय लाई गई। चाय देखने से ही घटिया नजर आ रही थी कि अधिकारियों ने सैम्पल लेने को कहा। यह सुनकर ही जेल अधीक्षक के हाथ-पांव फूलने लगे। हालांकि सैंपल नहीं लिए गए।

अफसरों के इशारों पर चलते जैमर

जेल में मोबाइल उपयोग पर रोक के लिए ही जेल प्रशासन की ओर से लाखों रुपए खर्च कर कुछ समय पहले जैमर लगवाए गए। लेकिन, ये सही ढंग से काम नहीं कर रहे। सूत्रों के अनुसार जेल में जैमर जेल अधिकारियों की मर्जी से काम करते हैं। छत पर लगे जैमर की दिशा नीचे की जगह ऊपर कर दी जाती है तो वे काम करना बंद कर देते हैं।

जेलर का पद है, लेकिन जेलर नहीं

अधीक्षक सुधीर प्रकाश पूनिया ने बताया कि जेल में जेलर का पद है लेकिन जेलर नहीं है। तीन डिप्टी व सहायक जेलर ही जेलर का काम कर रहे हैं। बत्तीलाल के पकड़े जाने के बाद अब दो ही डिप्टी जेलर बचे हैं। पूनिया ने बताया कि बत्तीलाल द्वारा बंदियों के परिजनों से वसूली के बारे में उन्हें जानकारी नहीं। बत्तीलाल के खिलाफ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएग़्ाी, वहीं से कार्यवाही होगी।