
कोटा। मुखिया बनाने की एवज में दलाल से एक लाख रुपए की रिश्वत के मामले में एसीबी द्वारा ट्रैप किए गए नारकोटिक्स विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डा.सहीराम मीणा की जेल में बुधवार को रात बमुश्किल बीती।
जेल सूत्रों के अनुसार, विलासिता से जीने वाले सहीराम ने जेल की बैरक नंबर 27 में कंबल में कठोर फर्श पर करवटें बदलते हुए रात गुजारी। हीटर में दिन-रात बिताने वाले सहीराम ने जेल के कंबल में ठिठुरते हुए रात बिताई। उसे जेल में 569 नंबर मिला है। गुरुवार को सुबह शाम सहीराम ने जेल में बना खाना बेमन से खाया।
सुबह आलू गोभी की सब्जी, मसूर की दाल व चपाती दी गई तो शाम को मूंग की दाल व आलू टमाटर की सब्जी खाई। खाने को देखकर उसका मुंह उतर गया। सहीराम ने जेल पहुंचने के दूसरे ही दिन अपनी बीमारियों की लिस्ट जेल अधीक्षक को थमा दी।
जेल सूत्रों ने बताया कि सहीराम ने गुरुवार को स्वयं को हाइपर टेंशन, डायबिटीज व हृदयरोगी बताया है। उसने बताया कि उसके दिल तक खून ले जाने वाली तीन धमनियों में ब्लॉकेज है। इस पर जेल के चिकित्सक ने उसकी जांचें की। सहीराम मीणा के अधिवक्ता ने गुरुवार को एसीबी न्यायालय में जमानत अर्जी पेश की। अर्जी पर सुनवाई शुक्रवार को होगी।
35 खाते, मुम्बई बैंक में मिले 32.96 लाख
सहीराम मीणा की सम्पत्ति मिलने का सिलसिला जारी है। एसीबी को मीणा के 35 बैंक खाते व मीणा के मुम्बई बैंक खाते में 32.96 लाख रुपए होने का भी पता चला है। उसकी पत्नी प्रेमलता के बैंक खाते में 2.51 लाख रुपए और सामने आए हैं। सहीराम मीणा सहित कई अधिकारियों की प्रधानमंत्री कार्यालय को भी शिकायत की गई। चार अधिकारियों को एपीओ किया लेकिन तब सहीराम बच गया था।
सहीराम मीणा ने स्वयं को कई बीमारियां बताई। इस पर जेल चिकित्सक द्वारा जांच कर आवश्यक उपचार किया जाएगा।
सुमन मालीवाल, जेल अधीक्षक
Published on:
01 Feb 2019 10:13 am
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