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जूनियर इंजीनियर के साथ अफसरों ने किया कुछ ऐसा, परेशान होकर लगा ली फांसी

बिजली विभाग के जेईएन को अफसरों ने इतना प्रताड़ित किया कि उसने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली।

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junior engineer committed suicide in Bundi

बूंदी जिले के नैनवा कस्बे में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनयर भूपेंद्र मालव ने सोमवार सुबह फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। मालव कोटा जिले के बडग़ांव के रहने वाले थे। वह नैनवां में बस स्टेंड ते पास किराए के मकान में परिवार सहित रहते थे। सोमवार सुबह 4 बजे जब पत्नी उठीं तो मालव कमरे में दिखाई नहीं पड़े। तड़के बिस्तर छोड़ देने की बात समझ नहीं आईं और उन्होंने जब घर के बाहर निकल कर देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। मालव का शरीर मकान की रेलिंग पर रस्सी के फंदे पर झूल रहा था।

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नौकरी की बजाय चुनी मौत

मालव के पड़ोसियों की सूचना पर नैनवा थानाधिकारी लखन लाल मीणा और ड्यूटी ऑफिसर सत्यनारायण मोके पर पहुंचे। उन्होंने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि जेईएन मालव को 28 अक्टूबर को निलंबित कर झालावाड़ एसी कार्यालय में लगा दिया था। पांच दिन पहले ही 15 नवम्बर को बहाल कर कमोलर ग्रिड स्टेशन पर लगाया था। सोमवार को ही मालव को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी, लेकिन इससे पहले ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

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अफसरों पर प्रताड़ित करने का आरोप

जेईएन भूपेंद्र मालव के छोटे भाई राकेश मालव ने नैनवा थाने में भाई को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए एईएन केसी सैनी और जेईएन मनराज मीणा के खिलाफ जेईए मालव को आत्म हत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। राकेश का आरोप है कि लाइन मैन राकेश मीणा की मृत्यु के दिन उनका तबीयत खराब होने की वजह से घर पर आराम कर रहा था, लेकिन दोनों अधिकारियों ने उसे झूठा फंसाकर उसके लिए जिम्मेदार ठहरा दिया और सस्पेंड करा दिया। इतना ही नहीं दोनों अधिकारी सीनियर्स के साथ मिलकर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। जिससे वह इस कदर अवसाद में चला गया कि सस्पेंड होने के बाद दोबारा नौकरी ज्वाइन करने से डरने लगा और आखिर में आत्म हत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।