
Kota News
Kota News: आखिर कोटा कांड का खुलासा हो गया। काव्या और उसके दो दोस्तों को कोटा पुलिस ने पकड़ लिया है। काव्या ने अपने पिता से तीस लाख लेने के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रची। इसमें उसके दो दोस्तों ने उसकी सहायता की। काव्या का कहना है कि वह रशिया जाकर एमबीबीएस बनना चाहती थी और इसके लिए तीस लाख रुपए की जरूरत थी। जबकि पिता चाह रहे थे कि बेटी कोटा में आकर पढ़े और यहीं से डॉक्टरी कर ले। काव्या एमपी के शिवपुरी की रहने वाली है और कुछ महीनों पहले कोटा आई थी।
लेकिन कोटा से वापस इंदौर चली गई अपने दोस्तों के पास, उसके बाद अपने दोस्तों हर्षित और विजेन्द्र के साथ खुद के अपहरण की साजिश रची। खुद के हाथ - पैर और मुंह बंधे हुई फोटो शूट कराए, अपने पिता को भिजवाए....। पिता ने कोटा पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि वह कोटा में है ही न हीं। कोटा में पढ़ने के बारे में उसने अपने माता - पिता से झूठ बोला। पिता एमपी से कोटा पहुंचे और उसके बाद कोटा में विज्ञान नगर थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस ने जाचं करना शुरू किया तो केस दूसरा ही निकला।
कोटा पुलिस ने बताया कि काव्या की आखिरी लोकेशन इंदौर मिली थी। उसके बाद उसकी सर्च की गई। वे लोग पुलिस से बचने के लिए चंडीगढ़, अमृतसर, जयपुर, इंदौर... कई शहरों में घूमते रहे और आखिर पुलिस के हाथ लग ही गए। पुलिस ने काव्या के साथियों और काव्या को अरेस्ट कर लिया है। कोटा एसपी अमृता दुहान ने कहा कि पिता अपनी बेटी के लिए हाड़ तोड़ मेहनत कर रहे थे, उसे डॉक्टर बनाना चाह रहे थे, कोटा पढ़ने के लिए भी भेजा था.... लेकिन बेटी अपराध के रास्ते पर चली गई। उल्लेखनीय है कि काव्या की फोटोज वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सीएम भजन लाल शर्मा से फोन पर बात कर बेटी को तलाश कर लाने की बात कही थी। सीएम ने भी कहा था कि पुलिस काम कर रही है, बेटी जल्द ही मिल जाएगी। लेकिन किसी को नहीं पता था कि काव्या इस तरह की साजिश रच रही है।
Published on:
04 Apr 2024 08:37 am
