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कोटा में हादसा: 14 फीट ऊंची बालकनी से गिरकर डेढ़ साल की बच्ची की मौत, मां पास ही खड़ी थी

कोटा के जवाहर नगर में बालकनी से गिरकर डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची मां के साथ पहली मंजिल की बालकनी में खड़ी थी, तभी पैर फिसलने से करीब 14 फीट नीचे गिर गई। दो दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया।
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कोटा

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Arvind Rao

Aug 08, 2026

Kota Balcony Accident

डेढ़ साल की बच्ची परी की मौत (पत्रिका फोटो)

Kota Balcony Accident: राजस्थान के कोटा शहर से दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जवाहर नगर थाना इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां मकान की पहली मंजिल की बालकनी से गिरकर डेढ़ साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का नाम परी था। वह अपनी मां के पास ही बालकनी में खड़ी होकर खेल रही थी, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 14 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे फर्श पर आ गिरी।

खेलते-खेलते अचानक फिसला पैर

मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची के पिता जितेंद्र राय मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वे अपने परिवार के साथ कोटा आए थे और जवाहर नगर इलाके में एक किराए के मकान में रहते हैं। जितेंद्र राय मजदूरी का काम करते हैं। घटना वाले दिन (6 अगस्त) की सुबह वे रोज की तरह अपने काम पर चले गए थे। घर पर उनकी पत्नी और डेढ़ साल की बेटी परी ही मौजूद थी।

दोपहर करीब एक बजे मां अपनी मासूम बेटी परी के साथ पहली मंजिल की बालकनी में खड़ी थी। परी अपनी मां के पास ही खेल रही थी। इसी दौरान अचानक बच्ची का पैर फिसल गया और वह मां की आंखों के सामने ही 14 फीट नीचे जा गिरी। मां जब तक कुछ समझ पाती या बच्ची को संभाल पाती, तब तक परी नीचे गिर चुकी थी। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि मां को बच्ची को पकड़ने का मौका तक नहीं मिला।

अस्पताल में 2 दिन चला इलाज

बालकनी से गिरते ही बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत इकट्ठा हो गए। बदहवास परिजन और पड़ोसी मासूम परी को तुरंत नजदीकी प्राइवेट अस्पताल लेकर भागे। वहां बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर कर दिया।

अस्पताल में डॉक्टरों की टीम बच्ची की जान बचाने की लगातार कोशिश कर रही थी। परी जिंदगी और मौत के बीच करीब 48 घंटे तक जंग लड़ती रही। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

तीन बहनों में सबसे छोटी थी परी

बच्ची के ताऊ ने रोते हुए बताया कि जितेंद्र राय के घर में तीन बेटियां थीं, जिनमें परी सबसे छोटी और सबकी दुलारी थी। उसकी अचानक इस तरह मौत हो जाने से पूरा परिवार सदमे में है। रो-रोकर मां का बुरा हाल है, जिसे संभालना मुश्किल हो रहा है।

मामले की सूचना मिलते ही जवाहर नगर थाने के हेड कांस्टेबल सुरेश चंद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बताया कि परिजनों की लिखित सहमति के बाद, बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।