
कोटा. भैंसरोडगढ़ की ब्राह्मणी नदी में पानी की आवक बढऩे से जवाहर सागर बांध का जलस्तर गुरुवार रात एकदम बढ़ गया। एेसे में जवाहर सागर बांध की दो मशीनें चलाकर विद्युत उत्पादन कर चम्बल में पानी की निकासी की गई।
कोटा बैराज के भी दो गेट गुरुवार रात दो बजे खोल दिए गए। दोनों गेट शुक्रवार दोपहर दो बजे तक खुले रहे। इस दौरान दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बैराज के अधीक्षण अभियंता बलराम मीणा ने बताया कि भैंसरोडगढ़ की ब्राह्मणी नदी में पानी की आवक बढऩे से जवाहर सागर बांध की मशीनें चलाकर पानी छोड़ा गया।
इसके चलते बैराज के भी दो गेट खोल कर पानी की निकासी करनी पड़ी। रात दो बजे दो गेट दो-दो फीट खोले गए। सुबह पांच बजे दोनों गेटों को चार-चार फीट तक खोला गया। नौ बजे गेटों की आेपनिंग घटाकर दो-दो फीट कर दी गई। दोपहर दो बजे गेट बंद किए गए। इस दौरान अधिकतम 10030 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बह गई चम्बल की गंदगी
बैराज के गेट खोलकर पानी की निकासी करने से चम्बल नदी की डाउन स्ट्रीम में जमा गंदगी, कचरा, जलकुंभी बह गए। पहले जब मुख्यमंत्री का कोटा प्रवास हुआ था, तब चम्बल नदी में गंदगी देख मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इस बार चम्बल की नई पुलिया के उद्घाटन समारोह के दौरान चम्बल साफ सुथरी दिखाई देगी।
Published on:
01 Jul 2016 05:54 pm
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